बढ़ती किल्लत और प्रशासन की सख्ती के कारण कई दुकानदार अब पारंपरिक ईंधनों की ओर लौट रहे हैं. कई दुकानों पर लकड़ी के माध्यम से खाना बनाया जा रहा था, जबकि कुछ प्रतिष्ठानों में डीजल से चूल्हे जलते पाए गए.
- प्रशासन की सख्ती के बीच 27 प्रतिष्ठानों की जांच में खुली नई तस्वीर
- कहीं लकड़ी तो कहीं डीजल से जल रहे चूल्हे, अधिकारियों ने मांगा हिसाब
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले में रसोई गैस की कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच एक नया ट्रेंड सामने आया है. प्रशासनिक जांच में पता चला कि गैस की किल्लत और सख्ती के कारण कई दुकानदार अब वैकल्पिक ईंधनों का सहारा लेने लगे हैं, जिससे बाजार में अलग तरह की स्थिति बन गई है.
जिलाधिकारी साहिला के निर्देश पर बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार के नेतृत्व में जिले के लगभग 27 प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई. इस दौरान अधिकारियों की टीम ने गैस एजेंसियों और दुकानों पर जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया.
जांच के दौरान यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि गैस की बढ़ती किल्लत और प्रशासन की सख्ती के कारण कई दुकानदार अब पारंपरिक ईंधनों की ओर लौट रहे हैं. कई दुकानों पर लकड़ी के माध्यम से खाना बनाया जा रहा था, जबकि कुछ प्रतिष्ठानों में डीजल से चूल्हे जलते पाए गए.
अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि नगर के निम्बस और माखन भोग जैसे प्रतिष्ठानों में डीजल का उपयोग किया जा रहा था, जबकि गंगोत्री स्वीट्स में लकड़ी से चूल्हा जलता मिला. हालांकि, कुछ दुकानों में कमर्शियल गैस सिलेंडर भी पाए गए, जिससे यह संकेत मिला कि सभी दुकानदार गैस से पूरी तरह दूर नहीं हुए हैं.
अधिकारियों ने संबंधित दुकानदारों से यह भी जानकारी ली कि उन्होंने कमर्शियल सिलेंडर कब खरीदा था, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि वे नियमानुसार गैस का उपयोग कर रहे हैं या नहीं.
प्रशासन का कहना है कि जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं, इस बदलती स्थिति ने यह साफ कर दिया है कि बाजार में गैस की कीमत और उपलब्धता का सीधा असर दुकानदारों के कामकाज पर पड़ रहा है.
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस वितरण में किसी भी तरह की अनियमितता या कालाबाजारी की जानकारी तुरंत जिला कंट्रोल रूम के नंबर 06183-223333 पर दें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके.




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