ट्रक एंट्री गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार; महिला ईएसआई से जवाब तलब ..

ट्रक चालकों के नंबर और एक संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप के सुराग मिले हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर परिवहन विभाग के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से ओवरलोड और बिना वैध कागजात वाले कोयला व भूसी लदे ट्रकों को शहर से पार कराया जा रहा था.






                                 








  • परिवहन विभाग के कर्मियों की कथित मिलीभगत से ओवरलोड ट्रकों को कराया जाता था पार
  • डीटीओ बोले - पहले भी गलत गतिविधियों की मिली थी सूचना, किया गया था शोकॉज

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : शहर में ओवरलोड और बिना वैध कागजात वाले ट्रकों को पार कराने वाले एक संगठित ट्रक एंट्री गिरोह का टाउन थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद परिवहन विभाग में भी हलचल मच गई है. मामले में विभाग की एक महिला ईएसआई से जवाब तलब किया गया है. जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) ने बताया कि पहले भी गलत गतिविधियों की सूचना मिलने पर उन्हें शोकॉज किया गया था और अब एक बार फिर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है.

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के पास से जब्त मोबाइल फोन में पैसों के लेन-देन, ट्रक चालकों के नंबर और एक संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप के सुराग मिले हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर परिवहन विभाग के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से ओवरलोड और बिना वैध कागजात वाले कोयला व भूसी लदे ट्रकों को शहर से पार कराया जा रहा था.

मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात करीब दस बजे टाउन थाना की पुलिस शहर में गश्त कर रही थी. इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ लोग कोयला और भूसी लदे ट्रकों को अवैध तरीके से पास करा रहे हैं. सूचना के आधार पर पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की. इसी दौरान काले रंग की बीआर 07 पीएफ 2678 नंबर की बोलेरो वाहन संदिग्ध स्थिति में शहर की ओर आती दिखाई दी.

पुलिस ने वाहन को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक वाहन लेकर चरित्रवन मार्ग की ओर भागने लगा. इसके बाद पुलिस ने पीछा करते हुए कॉलेज गेट के पास बोलेरो को घेर लिया और दोनों लोगों को पकड़ लिया.

पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान गंगादयाल सिंह पिता चंद्रहास सिंह निवासी नरबतपुर थाना मुफस्सिल के रूप में बताई, जबकि दूसरे युवक ने अपना नाम भरत सिंह पिता तेजनारायण सिंह निवासी मिश्रवलिया थाना मुफस्सिल बताया. दोनों के पास से बरामद मोबाइल फोन की जांच में कई अहम सुराग हाथ लगे.

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी प्रतिदिन 15 से 20 ओवरलोड और बिना वैध कागजात वाले ट्रकों को शहर से पार कराते थे. इसके लिए प्रति ट्रक करीब 1200 रुपये वसूले जाते थे. आरोप है कि इस रकम में से लगभग 600 रुपये संबंधित विभाग के कुछ कर्मियों या चेकपोस्ट पर तैनात लोगों को दिए जाते थे, जिसके बाद ट्रकों को बिना जांच के आगे बढ़ने दिया जाता था.

मोबाइल की जांच के दौरान पुलिस को एक व्हाट्सएप ग्रुप भी मिला, जिसका नाम ईएसआई बताया गया है. आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इस ग्रुप में कथित तौर पर परिवहन विभाग के कुछ अधिकारी, चेकपोस्ट कर्मी, ट्रक चालक और दलाल जुड़े हुए हैं. ईएसआई परिवहन विभाग में वह पद है, जो सड़कों पर चलने वाले ट्रकों की ओवरलोडिंग और कागजातों की जांच करता है.

पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि पहले उनके चाचा अरुण पहलवान इस पूरे काम को संभालते थे. कुछ महीने पहले रोहतास पुलिस ने उन्हें इसी तरह के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इसके बाद से दोनों युवक इस धंधे को चला रहे थे.

पुलिस ने बताया कि बरामद मोबाइल नंबरों और पैसों के लेन-देन के आधार पर पूरे गिरोह की जांच की जा रही है. इस मामले में गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों के अलावा चेकपोस्ट के एक पदाधिकारी को भी आरोपित करते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस अवैध ट्रक एंट्री नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं.










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