उनका बचपन और अधिकतर समय बक्सर नगर के सिद्धनाथ घाट स्थित ननिहाल में बीता है. उनकी प्रारंभिक पढ़ाई भी बक्सर में ही हुई है. आदित्य की तीन बहनें हैं.
- बलिया के चितबड़ागांव निवासी आदित्य की सफलता से अधिवक्ताओं और स्वजनों में खुशी
- स्व. कंचन तिवारी के पुत्र हैं आदित्य, दिल्ली में रहकर की थी परीक्षा की तैयारी
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के चितबड़ागांव निवासी आदित्य कृष्ण ने 540वीं रैंक हासिल कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है. परिणाम घोषित होने के बाद बक्सर से लेकर बलिया तक खुशी का माहौल है. बक्सर व्यवहार न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं ने मिठाई बांटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया और आदित्य को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.
आदित्य कृष्ण, बक्सर सिविल कोर्ट एवं जिला अधिवक्ता संघ की प्रथम महिला अधिवक्ता तथा बिहार प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ उप समाहर्ता रहीं स्व. कंचन तिवारी के पुत्र हैं. वे बक्सर व्यवहार न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता आशुतोष ओझा के फुफेरे भाई भी हैं. उनकी सफलता की खबर मिलते ही अधिवक्ताओं और परिचितों में उत्साह का माहौल बन गया.
शनिवार को बक्सर व्यवहार न्यायालय परिसर में अधिवक्ता उमाशंकर सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल आनंद, मनीष पाठक और अधिवक्ता अमित कुमार ने अधिवक्ता आशुतोष ओझा के साथ मिलकर मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की. सभी ने कहा कि आदित्य की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा है और इससे पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ा है.
स्वजनों के अनुसार आदित्य कृष्ण के पिता का नाम अशोक तिवारी है, जबकि उनकी माता स्व. कंचन तिवारी थीं. उनका पैतृक निवास उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के चितबड़ागांव में है, लेकिन उनका बचपन और अधिकतर समय बक्सर नगर के सिद्धनाथ घाट स्थित ननिहाल में बीता है. उनकी प्रारंभिक पढ़ाई भी बक्सर में ही हुई है. आदित्य की तीन बहनें हैं.
अधिवक्ता आशुतोष ओझा के अनुसार आदित्य की शुरुआती शिक्षा बक्सर के चरित्रवन स्थित वुडस्टॉक स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने मैट्रिक, इंटर और इंजीनियरिंग की पढ़ाई दिल्ली से पूरी की. वहीं UPSC की तैयारी भी उन्होंने दिल्ली में रहकर की और अपनी मेहनत के बल पर 540वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की.
आदित्य कृष्ण की इस सफलता पर अधिवक्ताओं, परिजनों और शहरवासियों ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.




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