किसानों द्वारा हार्वेस्टर से दौनी के बाद खेत में पराली जलाई जा रही थी. इसी दौरान तेज हवा चलने लगी, जिससे आग तेजी से फैल गई और आसपास के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया.
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| खेतों में लगी आग |
- बरूना गांव के बधार में तेज हवा से भड़की आग, कई बीघे गेहूं की फसल खाक
- रोक के बावजूद पराली जलाने पर सवाल, पीड़ितों ने मांगी प्रशासन से मदद
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : पराली जलाने की लापरवाही ने बुधवार को बक्सर प्रखंड के बरूना गांव के बधार में किसानों की खड़ी गेहूं की फसल को राख में बदल दिया. कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कई किसानों की महीनों की मेहनत जलकर खाक हो गई. घटना के बाद पीड़ित किसान सदमे में हैं और प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
बताया जाता है कि कुछ किसानों द्वारा हार्वेस्टर से दौनी के बाद खेत में पराली जलाई जा रही थी. इसी दौरान तेज हवा चलने लगी, जिससे आग तेजी से फैल गई और आसपास के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया. देखते ही देखते कई बीघे में लगी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई.
इस आगलगी में अधिवक्ता बेचन राम, सुदामा राम समेत अन्य किसानों की खड़ी फसल, गेहूं का बोझा और दौनी के बाद रखा गया अनाज पूरी तरह जल गया. किसानों के अनुसार, उन्हें हजारों रुपये का नुकसान हुआ है और उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है.
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन दल मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक आग काफी नुकसान कर चुकी थी. स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया.
घटना के बाद पराली जलाने की बढ़ती प्रवृत्ति और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं. किसानों का कहना है कि रोक के बावजूद पराली जलाने वालों पर सख्ती नहीं की जा रही है, जिससे ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं.
पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. वहीं, घटना के कारणों की जांच की बात कही जा रही है.






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