सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या मामले में नया मोड़; एसटीएफ ने विशाल श्रीवास्तव को थाने में छोड़ा, दो अन्य को लेकर बंगाल रवाना ..

कहना है कि विशाल पर पहले से ही एक स्थानीय मामला दर्ज है, जिसमें उसे जमानत की प्रक्रिया के तहत छोड़ दिया जाएगा. हालांकि, पुलिस उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है. माना जा रहा है कि बंगाल एसटीएफ ने उससे लंबी पूछताछ की है और उसके मोबाइल डेटा के आधार पर कुछ अन्य महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं.

 





                               

विशाल श्रीवास्तव से पूछताछ के बाद छोड़ने की तैयारी, पुलिस को ठोस सबूत नहीं मिले

-विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को लेकर कोलकाता रवाना हुई बंगाल पुलिस

-

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में जांच अब बिहार और उत्तर प्रदेश के गलियारों तक पहुँच गई है. बंगाल एसटीएफ (STF) और विशेष जांच दल (SIT) ने पिछले 48 घंटों में बक्सर और यूपी के कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है. हालांकि, इस कार्रवाई में सोमवार को एक अप्रत्याशित मोड़ तब आया जब मुख्य संदिग्ध बताए जा रहे विशाल श्रीवास्तव को पुलिस ने स्थानीय थाने में ही छोड़ दिया. जबकि दो अन्य को अपने साथ लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस चली गई है.

विशाल श्रीवास्तव की रिहाई: पुलिस का तर्क

बक्सर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुई छापेमारी के दौरान पुलिस ने विशाल श्रीवास्तव को हिरासत में लिया था. शुरुआती कयास लगाए जा रहे थे कि उसे ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले जाया जाएगा. लेकिन ताजा जानकारी के अनुसार, बंगाल पुलिस ने विशाल को मुफस्सिल थाने में ही छोड़ दिया है.

पुलिस सूत्रों का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर विशाल पर पहले से ही एक स्थानीय मामला दर्ज है, जिसमें उसे जमानत की प्रक्रिया के तहत छोड़ दिया जाएगा. हालांकि, पुलिस उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है. माना जा रहा है कि बंगाल एसटीएफ ने उससे लंबी पूछताछ की है और उसके मोबाइल डेटा के आधार पर कुछ अन्य महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं.

दो अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी

विशाल श्रीवास्तव को छोड़ने के बावजूद, बंगाल एसटीएफ खाली हाथ वापस नहीं गई है. पुलिस की टीम बिहार और यूपी की सीमा से पकड़े गए दो अन्य संदिग्धों को अपने साथ लेकर कोलकाता रवाना हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, ये दोनों पेशेवर शूटर हो सकते हैं जिन्होंने 6 मई की रात मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. पकड़े गए आरोपियों में विक्की मौर्य तथा मयंक मिश्र (जिन्हें कथित तौर पर सिकरौल तथा नावानगर थाना क्षेत्र से पकड़े जाने की चर्चा है) शामिल हैं जिन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस अपने साथ लेकर चली गई है.

बक्सर तक कैसे पहुँची जांच की आंच?

जांच टीम को घटनास्थल (मध्यमग्राम) से मिले तकनीकी साक्ष्यों ने बक्सर की ओर इशारा किया था:

  • मोबाइल टावर डंप: वारदात के समय घटनास्थल के पास कुछ ऐसे मोबाइल नंबर सक्रिय थे, जिनकी लोकेशन बाद में बक्सर और उत्तर प्रदेश के बदायूं-संभल क्षेत्रों में मिली.

  • फर्जी नंबर प्लेट: हमले में इस्तेमाल की गई बाइक और कार पर लगे फर्जी नंबरों की कड़ियां भी अंतरराज्यीय गिरोहों से जुड़ती नजर आईं.

  • शार्पशूटरों का लिंक: खुफिया इनपुट के अनुसार, हत्या की साजिश रचने वालों ने शूटर्स और हथियार मुहैया कराने के लिए बिहार के कुछ कुख्यात गिरोहों से संपर्क किया था.

क्या था मामला?

6 मई 2026 की रात को सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में उस वक्त हत्या कर दी गई थी, जब वे अपने घर लौट रहे थे. इस हमले में उनके चालक को भी गोलियां लगी थीं. यह घटना मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले हुई, जिसे बीजेपी ने एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार दिया है.

फिलहाल, बंगाल पुलिस उन दो संदिग्धों से कोलकाता में पूछताछ करेगी, जिनसे इस हाई-प्रोफाइल 'सुपारी किलिंग' के मास्टरमाइंड का खुलासा होने की उम्मीद है.














Post a Comment

0 Comments