नगर में अवैध निर्माण पर चला नगर परिषद का डंडा, कई इलाकों में औचक जांच ..

नगर परिषद की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में पहुंचकर निर्माणाधीन भवनों की जांच की और भवन स्वामियों से स्वीकृत नक्शा व अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे.

जांच को पहुंचे सहायक वास्तुविद व अन्य 





                               


  • बिना नक्शा पास कराए निर्माण कराने वालों को चेतावनी, हर मंगलवार और शनिवार चलेगा अभियान
  • नियम तोड़ने पर निर्माण रोकने के साथ जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की तैयारी 

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : नगर परिषद क्षेत्र में अब बिना नक्शा पास कराए और नियमों को ताक पर रखकर भवन निर्माण करना आसान नहीं होगा. शहर की बिगड़ती सूरत और लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माण पर लगाम कसने के लिए नगर परिषद ने सख्त रुख अपनाते हुए विशेष औचक निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है. शनिवार को नगर परिषद की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में पहुंचकर निर्माणाधीन भवनों की जांच की और भवन स्वामियों से स्वीकृत नक्शा व अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे.

कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक के निर्देश पर गठित निरीक्षण दल ने सदर हॉस्पिटल रोड से मेन रोड, आईटीआई फील्ड, जेल पाइन, ज्योति प्रकाश चौक, बाईपास रोड और सिंडिकेट गोलंबर तक कई निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया. इस दौरान कई जगहों पर निर्माण कार्यों की बारीकी से जांच की गई और भवन मालिकों को निर्धारित नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई. टीम ने साफ कहा कि बिना अनुमति या स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण कार्य पाए जाने पर कार्रवाई तय मानी जाएगी.

नगर परिषद की ओर से जारी निर्देश के अनुसार विशेष अवकाश को छोड़कर अब प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को शहर के अलग-अलग वार्डों और मोहल्लों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा. निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन भवनों के नक्शे, स्वीकृति पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच होगी.

कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक ने कहा कि बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 तथा बिहार भवन उपविधि-2014 (संशोधित 2022) के तहत अवैध निर्माण दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कराने वालों के खिलाफ निर्माण कार्य रोकने, भारी जुर्माना लगाने और कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. उन्होंने लोगों से भवन निर्माण शुरू करने से पहले नगर परिषद से नक्शा स्वीकृत कराने की अपील की.

निरीक्षण दल में टाउन प्लानर बन्दना, सहायक वास्तुविद अनमोल रतन, कर दारोगा नरसिंह चौबे और कम्प्यूटर ऑपरेटर मो. वाहिद अहमद शामिल रहे.














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