देते हुए बताया कि विभाग से स्वीकृति मिलते ही ट्री कटिंग और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे सड़क चौड़ीकरण कार्य को पूरी गति मिल सकेगी.
- 41.5 करोड़ रुपये की लागत से तीन किलोमीटर सड़क का हो रहा है चौड़ीकरण
-बस स्टैंड के पास पुलिया निर्माण तेज, अतिक्रमण हटाने की भी बनेगी राह
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : नगर के प्रमुख मार्ग बायपास रोड पर चल रहा सड़क चौड़ीकरण कार्य अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है. बस स्टैंड के समीप डायवर्सन बनने के बाद यातायात व्यवस्था सुचारू बनी हुई है, वहीं अब परियोजना से जुड़ा नया अपडेट सामने आया है कि वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है. इसके लिए आवश्यक भूमि का चयन कर प्रस्ताव विभाग को भेज दिया गया है, जहां से स्वीकृति मिलते ही पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
दरअसल, इस सड़क के दोनों किनारों पर लगे पेड़ों की वजह से निर्माण कार्य में अब तक बाधा आ रही थी. इस समस्या के समाधान के लिए नियमानुसार वैकल्पिक भूमि का चयन कर वन विभाग को भेजा गया है, ताकि वहां पौधरोपण किया जा सके.
हाल ही में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान डीएम साहिला ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग से स्वीकृति मिलते ही ट्री कटिंग और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे सड़क चौड़ीकरण कार्य को पूरी गति मिल सकेगी.
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल जिन हिस्सों में किसी प्रकार की बाधा नहीं है, वहां तेजी से कार्य किया जा रहा है. विशेष रूप से बस स्टैंड के समीप पुलिया निर्माण का कार्य तेज गति से चल रहा है, ताकि जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके और आगे के निर्माण में कोई रुकावट न आए.
संवेदक हेमंत कुमार सिंह ने कहा कि निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने बताया कि विभागीय समन्वय के साथ कार्य को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है और जैसे ही वन विभाग से अनुमति प्राप्त होगी, शेष कार्यों को भी तेजी से पूरा किया जाएगा.
41.5 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा निर्माण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत 41.5 करोड़ रुपये है और इसकी लंबाई लगभग तीन किलोमीटर निर्धारित की गई है. आधुनिक डिजाइन के तहत दोनों ओर सात-सात मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी. इसके साथ ही बीच में एक मीटर चौड़ा डिवाइडर, दोनों तरफ एक-एक मीटर का ड्रेन और ढाई-ढाई मीटर का शोल्डर भी तैयार किया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था सुरक्षित और व्यवस्थित बनेगी.
जाम की समस्या से मिलेगी राहत
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ श्रवण कुमार तिवारी ने कहा कि इस सड़क के चौड़ीकरण से शहर को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी. उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी होती थी. परियोजना पूरी होने के बाद शहर की यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा.
1 नवंबर 2026 तक पूरा करना है निर्माण
पथ निर्माण विभाग के अनुसार इस परियोजना को 01.11.2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अधिकारियों को उम्मीद है कि वन विभाग से जल्द स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य और तेज होगा और तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा.






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