उन्होंने बताया कि पीएम गरीब कल्याण योजना के लाभुकों को देने के लिए जो चावल इटाढ़ी के अधिकारियों के द्वारा प्रदान किया गया है वह बिना वजन के ही दे दिया गया है.
- कहा, पीडीएस दुकानदारों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं सरकार.
- पूछा, छोटी सी गलती पर रोजगार छीनने की धमकी कहाँ तक न्यायोचित?
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा जिले के पीडीएस दुकानदारों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. उन्हें परेशान कर बंधुआ मजदूर की तरह कार्य कराया जा रहा है. उक्त बातें फेयर प्राईस डीलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डा मनोज यादव द्वारा सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए संघ की कार्यकारिणी बैठक में शनिवार को कही गई. इस दौरान उन्होनें कहा कि जहां वर्तमान समय में पूरा देश कोरेना वायरस जैसे संक्रमण से जुझ रहा है तथा सभी नागरिकों को सख्ती से लाक डाउन का पालन, बैंकों, सब्जी, किराना, मेडिकल की दुकानों पर सोशल डिस्टेंस का पालन करने का निर्देश दिया जा रहा है. लेकिन पीडीएस दुकानदारों को लाभुकों के घर-घर जाकर आधार एवं बैंक पासबुक सहित अन्य डाटा के साथ पाश मशीन पर लाभुक का अंगूठा लगवाकर सत्यापित करने का कार्य कराया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि यह कहा तक न्यायोचित है? इस प्रजातांत्रिक देश में सरकार से लेकर, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं सेवा पाने वाले लाभुकों की प्रताडना आखिर कब तक पीडीएस दुकानदार सहन करते रहेगें?
मौके पर जिला सचिव हृदयानंद मिश्रा ने कहा कि, छोटी सी मानवीय गलती पर भी रोजी रोजगार छीन लेने की धमकी को आखिर कब तक बर्दाश्त किया जाएगा? उन्होंने बताया कि पीएम गरीब कल्याण योजना के लाभुकों को देने के लिए जो चावल इटाढ़ी के अधिकारियों के द्वारा प्रदान किया गया है वह बिना वजन के ही दे दिया गया है. बैठक में पांच सूत्री मांगो को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई. पांच सूत्री मांगो में मानदेय का निर्धारण, तीन हजार रुपए दुकान भाड़ा, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अन्न पर वितरण उचित कमीशन, डोर-स्टेप डिलिवरी व्यवस्था को दुरूस्त करने की मांग जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से की गई.









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