कोरोना संक्रमण को हराने वाले मरीज ने अस्पताल से निकलने के बाद बताया कि, किस प्रकार वह कोरोना के संक्रमण में आ गए थे. उन्होंने बताया कि उन्हें एहतियात के तौर पर क्वॉरेंटाइन सेंटर में भर्ती कराया गया था जहां वह ताश वगैरह खेलने के क्रम में जमातियों के संपर्क में आ गए, जिन्हें कोरोना संक्रमण था.
- कहा, सोशल डिस्टेंसिंग तथा साफ-सफाई कोरोना से बचाव का है एक मात्र रास्ता
- कहा, स्वयं भी करेंगे,लोगों से भी करेंगे, कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करने का अनुरोध
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: जिले के एकमात्र कोरोना पॉजिटिव मरीज के ठीक होने के पश्चात जिले में अब कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या शून्य हो गई है. कोरोना संक्रमण को हराने वाले मरीज ने अस्पताल से निकलने के बाद बताया कि, किस प्रकार वह कोरोना के संक्रमण में आ गए थे. उन्होंने बताया कि उन्हें एहतियात के तौर पर क्वॉरेंटाइन सेंटर में भर्ती कराया गया था जहां वह ताश वगैरह खेलने के क्रम में जमातियों के संपर्क में आ गए, जिन्हें कोरोना संक्रमण था.
कोरोना पर जीत हासिल कर चुके नया भोजपुर निवासी धर्मराज प्रसाद सेठ ने बताया कि, पूर्व से संक्रमित जमातियों के संपर्क में आने के बाद वह तथा उनके एक भतीजे कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए. जिसके बाद भतीजे को बक्सर तथा उनके स्वास्थ्य की स्थिति ज्यादा खराब होने के कारण उन्हें पटना भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने चिकित्सकों के बताए गए नियमों का अनुपालन करते हुए अंततः कोरोना पर विजय पा ली. उन्होंने बताया कि, सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क आदि का प्रयोग ही कोरोना वायरस से बचाव का एकमात्र रास्ता है. उन्होंने कहा कि, वह जहां स्वयं इनका ख्याल रखेंगे वहीं लोगों को भी बताएंगे कि, लोग इस तरह से कोरोना संक्रमण से बच सकते हैं.
बता दें कि, जिले में मिले 56 मरीजों में से 55 रविवार तक ठीक हो चुके थे .आखिरी मरीज की सोमवार को ठीक हो गए. इसके बाद कुल मरीजों की संख्या अब शून्य हो गई है. हालांकि, जो स्वस्थ हुए हैं उन्हें भी अभी एहतियात बरतने का निर्देश दिया गया है
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