वीडियो : प्रदीप राय दोषी, कोर्ट का आदेश बेअसर? डाॅ. अजीत का बड़ा बयान ..

कहा कि देश में मोदी-शाह और बिहार में नीतीश-मोदी की जोड़ी की चर्चा के बीच कुछ भाजपा नेता यह मान बैठे हैं कि कोर्ट का आदेश-निर्णय उनके लिए कोई मायने नहीं रखता. इसमें भाजपा नेता प्रदीप राय भी शामिल हो सकते हैं.

 






                                         


  • कोर्ट के आदेश को नहीं मान रहे भाजपा नेता? पूर्व विधायक डाॅ. अजीत का गंभीर आरोप
  • अवैध जमीन कब्जा मामले में प्रदीप राय पर कोर्ट ने जारी किया वारंट
  • प्रशासन पर आदेश अनुपालन में लापरवाही का आरोप, पीड़ित को नहीं मिल रही सुरक्षा

बक्सर टॉप न्यूज़,  बक्सर : अवैध तरीके से पुश्तैनी जमीन कब्जा करने के मामले में कोर्ट द्वारा दोषी पाए जाने और वारंट जारी होने के बावजूद भाजपा नेता अपने आपको कानून और कोर्ट से ऊपर समझ रहे हैं. यह गंभीर आरोप पूर्व विधायक डुमरांव डाॅ. अजीत कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लगाया है. उन्होंने कहा कि देश में मोदी-शाह और बिहार में नीतीश-मोदी की जोड़ी की चर्चा के बीच कुछ भाजपा नेता यह मान बैठे हैं कि कोर्ट का आदेश-निर्णय उनके लिए कोई मायने नहीं रखता. इसमें भाजपा नेता प्रदीप राय भी शामिल हो सकते हैं.

डाॅ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि अवैध जमीन कब्जा मामले में कोर्ट ने प्रदीप राय को दोषी पाया है और उनके विरुद्ध वारंट जारी किया गया है. इसके बावजूद प्रशासन कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को न तो उसकी जमीन दिलाई जा रही है और न ही जान-माल की सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है.

पूर्व विधायक ने कहा कि भाजपा नेता खुलेआम यह चुनौती दे रहे हैं कि कागजात आमने-सामने बैठकर देख लिए जाएं, जबकि दस्तावेजों की जांच करना कोर्ट का काम है. कोर्ट ने सभी दस्तावेजों, शिकायतकर्ता के बयान, जांच गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच कर स्पष्ट रूप से माना है कि आरोपियों ने फर्जी विक्रय विलेख तैयार किया और उसे धोखाधड़ी से असली बताकर इस्तेमाल किया.

कोर्ट के आदेश में यह भी उल्लेख है कि प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता की धारा 467 और 471 के तहत अभियुक्त अखिलेश कुमार राय और प्रदीप कुमार राय के विरुद्ध अपराध बनता है और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद है. इसके बाद कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए दोनों के विरुद्ध वारंट जारी किया है.

डाॅ. अजीत कुमार सिंह ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भी उक्त जमीन पर धारा 144 लागू की गई थी, लेकिन पैसे, पावर और रुतबे के बल पर उसे हटवा लिया गया. इसके बाद प्रशासन और अपने लठैतों के सहारे जबरन जमीन पर कब्जा कर लिया गया. पीड़ित पुलिस और प्रशासन के दफ्तरों के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी. उन्होंने कहा कि अब अपनी कमियों को छुपाने के लिए पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है.

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