एक ओर पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा, जाली दस्तावेज़ों के सहारे जबरन निर्माण और जान-माल की धमकियों का आरोप लगाया गया है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता प्रदीप राय ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है.
- पुश्तैनी जमीन विवाद में आमने-सामने सियासी टकराव, कब्जे के आरोप और पलटवार से गरमाया मामला
- पीड़ित परिवार ने भाजपा नेता पर जाली दस्तावेज़ से कब्जे का लगाया आरोप, डीएम से लगाई गुहार
- भाजपा नेता प्रदीप राय का इनकार, बोले- चुनाव हार की बौखलाहट में लगाए जा रहे बेबुनियाद आरोप
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिला मुख्यालय स्थित नया बस स्टैंड बायपास रोड की भूमि को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है, जहां एक ओर पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा, जाली दस्तावेज़ों के सहारे जबरन निर्माण और जान-माल की धमकियों का आरोप लगाया गया है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता प्रदीप राय ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है. मामले को लेकर जिला प्रशासन से लेकर न्यायालय तक गुहार लगाई गई है, जबकि दोनों पक्ष आमने-सामने आकर एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं.
भाकपा (माले) के डुमरांव से पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह के साथ सुदामा उपाध्याय ने जिलाधिकारी, बक्सर से मुलाकात कर शिकायत दी है कि नया बस स्टैंड बायपास रोड, पेट्रोल पंप के पीछे स्थित उनकी पुश्तैनी भूमि पर भाजपा नेता प्रदीप राय द्वारा जाली दस्तावेज़ों के आधार पर जबरन कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है. पीड़ित के अनुसार खाता संख्या 71/42, प्लॉट संख्या 321/938, रकबा छह कट्ठा भूमि उनकी पुश्तैनी संपत्ति है, जिसका न तो उन्होंने और न ही उनके स्वर्गीय पिता ने कभी विक्रय या हस्तांतरण किया है. इसके बावजूद प्रदीप कुमार राय और अखिलेश राय द्वारा कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है.
पीड़ित का आरोप है कि वर्ष 2016 में उनकी माताजी, जिनका निधन 30 नवंबर 2013 को हो चुका था, के नाम से फर्जी स्वीकृति पत्र तैयार कर अंगूठा निशान लिया गया और उसी आधार पर अवैध बिक्री दर्शाई गई. इस मामले में सिविल कोर्ट, बक्सर में मुकदमा दर्ज है, जहां भारतीय दंड संहिता की धारा 467 और 471 के तहत संज्ञान लिया गया है. बावजूद इसके निर्माण कार्य नहीं रोका गया और केस दर्ज होने के बाद से परिवार को लगातार जान-माल की धमकियाँ मिलने का भी आरोप लगाया गया है.
इसी तरह सोहनीपट्टी निवासी रजनीकांत उपाध्याय ने भी लालगंज मौजा स्थित खाता संख्या 137/115, प्लॉट संख्या 653/485, रकबा 17 कट्ठा पुश्तैनी भूमि पर जबरन कब्जे का आरोप प्रदीप कुमार राय पर लगाया है. उनका कहना है कि जमीन नहीं देने पर लगातार धमकियाँ दी जा रही हैं.
दूसरी ओर, भाजपा नेता प्रदीप राय ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए तीखा पलटवार किया है. फोन पर बातचीत में उन्होंने कहा कि वह फिलहाल बक्सर से बाहर हैं और इसी का फायदा उठाकर उनके खिलाफ जानबूझकर माहौल बनाया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित जमीन से जुड़े सभी कागजात उनके पास पूरी तरह वैध, अधिकृत और नियमसम्मत हैं. किसी को आपत्ति है तो न्यायालय का रास्ता खुला है, न कि मीडिया ट्रायल.
प्रदीप राय ने पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह पर चुनाव में हार के बाद बौखलाहट में अनर्गल आरोप लगाने का आरोप लगाया और कहा कि राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए ऐसे विवाद खड़े किए जा रहे हैं. उन्होंने खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर साहस है तो आमने-सामने बैठकर जमीन के दस्तावेज़ों की जांच की जाए. उनका दावा है कि उनका किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे, जालसाजी, धमकी या जबरन निर्माण से कोई लेना-देना नहीं है.
फिलहाल यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है. एक ओर पीड़ित परिवार और पूर्व विधायक प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता न्यायालय में सच्चाई सामने आने का भरोसा जता रहे हैं. अंतिम फैसला अदालत के निर्णय पर ही निर्भर करेगा.
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