डीएम ने स्पष्ट किया कि, क्वॉरेंटाइन सेंटरों पर आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा निर्देश के अनुरूप व्यवस्था नहीं होने पर अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
- क्वॉरेंटाइन सेंटर की व्यवस्थाओं में सुधार के साथ स्किल के अनुसार मजदूरों की सूची बनाने के दिए निर्देश
- कहा, बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को रोजगार की हो व्यवस्था
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: जिला पदाधिकारी एवं समिति की अध्यक्षता में रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी के साथ एक बैठक की गई. बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने बताया कि अन्य जिलों अथवा राज्यों से आने वाले प्रवासी कामगार मजदूरों को 21 दिन क्वॉरेंटाइन में रखना है इसके लिए सभी व्यवस्था आपदा प्रबंधन विभाग के आदेश के आलोक में सुनिश्चित की जानी है. आने वाले कामगारों, मजदूरों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. इसके लिए पंचायत स्तर पर अभी क्वॉरेंटाइन सेंटर में सभी व्यवस्था आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा निर्देश के आलोक में सुनिश्चित की जानी है. उन्होंने कहा कि, प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को प्रतिदिन अपने अधीनस्थ प्रखंडों के सभी क्वॉरेंटाइन सेंटरों का भ्रमण कर प्रतिवेदन देने का निर्देश जिला पदाधिकारी ने दिया.
इसके साथ ही उन्होंने क्वॉरेंटाइन सेंटर में रह रहे लोगों के भोजन आदि के लिए निर्धारित मेन्यु की भी जानकारी पदाधिकारियों को प्रदान की. साथ ही यह बताया कि, प्रत्येक पुरुष महिला एवं बच्चों को अलग-अलग डिग्निटी किट प्रदान किया जाएगा. जिसमें दैनिक प्रयोग में आने वाली वस्तुएं दी जाएंगी. उन्होंने बताया कि किट में थाली, गिलास, कटोरी, साबुन (नहाने एवं धोने का तेल, कंघी, टूथब्रश, टूथपेस्ट, ऐनक, दूध का पैकेट अथवा पाउडर पुरुषों के लिए परिधान हेतु लुंगी, गंजी, गमछा, महिलाओं के लिए साड़ी, ब्लाउज, पेटीकोट, सेनेटरी नैपकिन एवं बच्चों के परिधान के लिए बच्ची को फ्रॉक एवं बच्चे को पैंट दिया जाना है. अभी तक सामानों को प्रखंड स्तर पर खरीद किया जा रहा था. परंतु गुणवत्ता में एकरूपता बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर केंद्रित व्यवस्था के अंतर्गत सामानों का कर सभी प्रखंडों में भेजा जा रहा है.
प्रथम चरण में 15 सौ सामानों की किट तैयार कर प्रखंडों को भेजा:
प्रथम चरण में कुल 1500 सामानों का किट तैयार करवा कर सभी प्रखंडों को उपलब्ध करवा दिया गया है. अभी कुल 3 प्रखंडों में 10 पंचायत स्तरीय क्वॉरेंटाइन केंद्रों में 68 व्यक्ति रह रहे हैं. प्रखंड स्तरीय क्वॉरेंटाइन सह आपदा केंद्र में कुल 35 स्थानों पर 2003 व्यक्ति रह रहे हैं. आपदा प्रबंधन शाखा के द्वारा 690 पैकेट विभिन्न अंचलों में वितरित किया गया है. डीएम ने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि, भारत सरकार द्वारा तय मापदंड के अनुसार चिन्हित रेड ऑरेंज एवं ग्रीन जोन के व्यक्तियों को उसी के अनुरूप रखने की व्यवस्था की जाए तथा रेड जोन के व्यक्तियों और बुजुर्गों के सैंपल को प्राथमिकता के आधार पर जांच हेतु भेजा जाए.
स्किल के आधार पर कामगारों का डाटा बैंक बनाने की कही बात:
डीएम ने कहा कि क्वॉरेंटाइन सेंटर में आने वाले कामगारों का स्किल मैपिंग जल्द से जल्द करायी जाए. इस कार्य में श्रम विभाग के पदाधिकारी डाटा बैंक तैयार करेंगे ताकि, जिनको जिस कार्य में दक्षता हासिल है वही काम दिलाया जा सके. आने वाले वैसे कामगार जिनके पास जॉब कार्ड नहीं होगा उसे भी जॉब कार्ड बनवा कर काम दिया जाएगा. अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डुमरांव को लॉक डाउन का अनुपालन कठोरता से कराने को कहा गया एवं सोमवार से खुलने वाली सभी दुकानें ससमय खुले और बंद हो इसका भी ध्यान रखने का निर्देश दिया गया.
डीएम ने स्पष्ट किया कि, क्वॉरेंटाइन सेंटरों पर आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा निर्देश के अनुरूप व्यवस्था नहीं होने पर अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता के साथ-साथ प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, गोपनीय शाखा तथा जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपस्थित थे.










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