रेलवे ने उड़ाई हाईकोर्ट के निर्देशों की धज्जियां, मानसून पूर्व बारिश में डूबा पांडेय पट्टी ..

पांडेय पट्टी ठाकुरबाड़ी के पास तो जलजमाव है ही, एफसीआई रोड में भी नवनिर्मित सड़क पर जल जमाव की स्थिति बनी हुई है. कारण कि सड़क निर्माण के दौरान ग्रामीण कार्य अभियंत्रण के द्वारा एफसीआई रोड में पहले से सड़क पर बनाई गई दो पुलियों को ध्वस्त करते हुए बंद कर दिया गया है. ऐसे में घरों के बीच जो खाली जगह है, वहां गंदे नाले का पानी भरा हुआ है. 

 




- जलजमाव की समस्या को दूर करने का उच्च न्यायालय ने दिया था निर्देश
- रेलवे के अधिकारियों ने दिलाई थी तात्कालिक राहत

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: पांडेय पट्टी में कई वर्षों से व्याप्त जलजमाव की समस्या का कोई निदान अब तक नहीं निकल सका है. मजे की बात तो यह है कि इस बाबत स्थानीय सरपंच रीता तिवारी के द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाई कोर्ट ने स्थानीय जिला प्रशासन तथा रेलवे को आपस में समन्वय स्थापित कर इस समस्या का हल निकालने का निर्देश दिया था. बावजूद इसके रेलवे के द्वारा केवल खानापूर्ति करते हुए तात्कालिक व्यवस्था तो कर दी गई लेकिन, जल जमाव से छुटकारा दिलाने का कोई स्थाई समाधान रेलवे के द्वारा नहीं किया गया. बताया जा रहा है कि इसके लिए तकरीबन एक करोड़ की योजना तो बनाई गई लेकिन, किसी योजना का कार्यान्वयन नहीं हो सका. इधर, बारिश की दस्तक से ही पांडेय पट्टी के निवासी भयाक्रांत हो गए हैं. जलजमाव के कारण पांडे पट्टी गांव में जाने वाली प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे न सिर्फ दुर्घटना बल्कि गंदे जल के जमाव के कारण निकल रही तेज दुर्गंध से कई तरह के रोगों के होने का भी खतरा मंडरा रहा है.



स्थानीय निवासी विकास कुमार तिवारी बताते हैं कि, यह समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है. दरअसल, रेलवे लाइन के नीचे से होते हुए पानी मुसाफिर गंज मोहल्ले के तरफ निकल जाया करता था लेकिन, बाद में रेलवे के द्वारा पुलिया को पाट दिया गया, जिसके कारण जल निकासी की समस्या हो गई. उस वक्त तात्कालिक तौर पर राहत दिलाने के नाम पर स्थानीय प्रशासन के द्वारा पांडेय पट्टी रेलवे क्रॉसिंग के समीप सड़क के किनारे नाली नुमा गड्ढा बना दिया गया लेकिन, इससे भी समस्या का हल नहीं निकला. उल्टे यह गड्ढा सदैव दुर्घटनाओं को आमंत्रित करता नजर आता है.

संतोष ओझा बताते हैं कि, पांडेय पट्टी ठाकुरबाड़ी के पास तो जलजमाव है ही, एफसीआई रोड में भी नवनिर्मित सड़क पर जल जमाव की स्थिति बनी हुई है. कारण कि सड़क निर्माण के दौरान ग्रामीण कार्य अभियंत्रण के द्वारा एफसीआई रोड में पहले से सड़क पर बनाई गई दो पुलियों को ध्वस्त करते हुए बंद कर दिया गया है. ऐसे में घरों के बीच जो खाली जगह है, वहां गंदे नाले का पानी भरा हुआ है. जिसमें कई तरह के रोगाणु पनप रहे हैं वहीं, करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई सड़क भी क्षतिग्रस्त हो रही है.



स्थानीय सरपंच प्रतिनिधि संजय तिवारी का कहना है कि जलजमाव की समस्या को लेकर पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी. इस जनहित याचिका पर विचार करते हुए न्यायालय के द्वारा 2 माह के अंदर इस समस्या को हल करने का निर्देश दिया गया. जिसके बाद रेलवे के अधिकारियों के द्वारा अस्थाई तौर पर जल निकासी की व्यवस्था की गई है लेकिन, यह व्यवस्था नाकाफी है. ऐसे में जलजमाव की यथावत है. यह सीधे तौर पर न्यायालय के आदेश की अवमानना है.

मामले में रेलवे के आई.ओ.डब्ल्यू .के बी तिवारी से बात करने के लिए उनके नंबर पर फोन किया गया लेकिन, बंद होने के कारण उनका पक्ष नहीं ज्ञात हो सका. दरअसल, न्यायालय के निर्देश के बाद जलजमाव से अस्थाई तौर पर निजाम दिलाने के लिए रेलवे की तरफ से आई. ओ. डब्ल्यू. तथा उनकी टीम पांडेय पट्टी पहुंची थी. साथ ही यह आश्वासन भी दिया था कि, जल्द ही पक्की नाली का निर्माण कराकर जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा.





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