चिकित्सा-चिकित्सक आपके द्वार कार्यक्रम में चलेंगी अत्याधुनिक एम्बुलेंस ..

अब रिपेयरिंग हो जाने के बाद टायर और बैटरी के लिए यह गाड़ियां वहां खड़ी हैं. उम्मीद जताई जा रही थी कि यह एंबुलेंस कोरोना काल मे लोगों की सेवा करेंगी लेकिन, अब यह कहा जा रहा है कि इन्हें चिकित्सा चिकित्सक आपके द्वार के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी तथा दवाओं के साथ भेजा जाएगा.




- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे की पहल पर हो रहा कार्य
- संसदीय क्षेत्र के सभी विधानसभा को दी जाएगी एक-एक मेडिकल मोबाइल यूनिट.


बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: एसजेवीएन के द्वारा जिला स्वास्थ्य समिति को दी गई एंबुलेंस पुनः एसजेवीएन के द्वारा वापस ले ली गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के निर्देश पर धनुष फाउंडेशन के द्वारा यह एंबुलेंस 'चिकित्सा-चिकित्सक आपके द्वार' कार्यक्रम के अंतर्गत  केंद्रीय मंत्री के संसदीय क्षेत्र के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में चलाई जाएंगी. जिसके लिए पिछले कई महीनों से यह बंद पड़ी थी. अब इनमें से 5 को एक महीने से वर्कशॉप में खड़ा कर दिया गया है. जहां से 1 सप्ताह के अंदर निकलने के बाद इन्हें अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में चिकित्सा चिकित्सक आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत चलने के लिए भेजा जाएगा. यह कहना है केंद्रीय मंत्री के मीडिया प्रभारी नि के लिए नितिन मुकेश का.



दरअसल, एसजेवीएन के द्वारा जिला स्वास्थ्य समिति को अत्याधुनिक एंबुलेंस दी गई थी जिनमें लाइफ़ स्पोर्टिंग सिस्टम के अतिरिक्त ऑक्सीजन, पल्स मीटर आदि की व्यवस्था की गई थी. कुछ दिनों तक जिला स्वास्थ समिति के द्वारा इनका परिचालन किया गया लेकिन, बाद में यह कहते हुए इनका परिचालन बंद कर दिया गया कि इन्हें अब चिकित्सा-चिकित्सक आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत चलाया जाएगा करीब 4 से 5 महीने यह एंबुलेंस सदर अस्पताल में खड़ी रही फिर इन्हें रिपेयरिंग के लिए वर्कशॉप में भेजा गया जहां अब रिपेयरिंग हो जाने के बाद टायर और बैटरी के लिए यह गाड़ियां वहां खड़ी हैं. उम्मीद जताई जा रही थी कि यह एंबुलेंस कोरोना काल मे लोगों की सेवा करेंगी लेकिन, अब यह कहा जा रहा है कि इन्हें चिकित्सा चिकित्सक आपके द्वार के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी तथा दवाओं के साथ भेजा जाएगा.




6 में से 5 एंबुलेंस बन कर तैयार एक दुर्घटनाग्रस्त:

बताया जा रहा है कि एसजेवीएन द्वारा दी गई इन एंबुलेंस में से 5 एंबुलेंस वर्कशॉप में बनकर खड़ी हैं. एक अन्य एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है जिसके कारण वह भी अभी सेवा में नहीं है. ऐसे में महीनों से यह एंबुलेंस बिना काम के ही खड़ी हैं और एम्बुलेंस के बगैर लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है. लोगों का यह भी कहना है कि अभी कोरोना संक्रमण काल में इन एंबुलेंस का आपातकालीन सेवाओं के लिए इस्तेमाल करना चाहिए था ना कि 'चिकित्सा चिकित्सक आपके द्वार' कार्यक्रम में. वहीं, अभी जब चिकित्सा तथा स्वास्थ्य कर्मियों की कमी है. ऐसे में इस अभियान का शुरू होना भी संभव प्रतीत नहीं होता.

कहते हैं अधिकारी:

सभी एंबुलेंस एसजेवीएन के द्वारा वापस ली जा चुकी हैं जिसके बाद इन्हें धनुष फाउंडेशन को दिया गया धनुष फाउंडेशन के द्वारा इन्हें 'चिकित्सा-चिकित्सक आपके द्वार' के अंतर्गत चलाए जाने की योजना है इसमें अब जिला स्वास्थ समिति की कोई भूमिका नहीं है.

जावेद आबेदी
जिला कार्यक्रम समन्वयक




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