वीडियो : दारु नहीं दवा से हुई ग्रामीण की मौत, चार अभी भी इलाजरत : पुलिस

तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे स्थानीय प्रखंड के खीरी गांव में किसी चिकित्सक के यहां ले जाया गया. चिकित्सक के द्वारा उसका इलाज किया गया लेकिन, यह बताया गया कि बीमार व्यक्ति की हालत गंभीर है तथा उसे ऑक्सीजन की आवश्यकता है. ऐसे में उसे कहीं और ले जाया जाए. चिकित्सक की सलाह पर परिजन बीमार को घर लेकर चले आए और उसे किसी दूसरी जगह ले जाने की तैयारी होने लगी लेकिन, दुर्भाग्यवश उनकी मृत्यु हो गई.
मृतक के परिजनों से पूछताछ करते राजपुर थानाध्यक्ष 

 





- राजपुर के हकारपुर में जहरीली शराब से मौत की उड़ी थी अफवाह
- मामले में गांव तक जांच के लिए पहुंचे एसडीपीओ, एसडीएम व अन्य 

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : राजपुर थाना क्षेत्र के नागपुर पंचायत के हकारपुर गांव में रहस्यमय परिस्थिति में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि चार अन्य लोग बीमार हो गए हैं. चर्चा है कि अत्याधिक शराब सेवन के कारण इस तरह की घटना हुई है. घटना की सूचना पर जांच को पहुंची पुलिस का यह कहना है कि जिस व्यक्ति की मृत्यु हुई है उसे गैस्ट्रिक की बीमारी थी जिसके कारण उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उसे खीरी गांव के किसी चिकित्सक के पास ले जाया गया जहां से उसे ऑक्सीजन की आवश्यकता जताते हुए डॉक्टर ने कहीं और ले जाने की सलाह दी. घरवाले उसे लेकर घर आ गए तथा कहीं और ले जाने की तैयारी करने लगे इसी बीच उसकी मृत्यु हो गई जबकि, जो चार लोग बीमार हो गए हैं वह शराब नहीं बल्कि होम्योपैथिक दवा पीकर बीमार हुए हैं.



दरअसल, हकारपुर गांव के रहने वाले रामप्रवेश नोनिया की रविवार को संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत होने तथा स्थानीय निवासी मनोज राम, चंद्रभूषण राम, लाल बहादुर राम तथा मुनीम राम नामक चार लोगों के बीमार होने की सूचना मिली थी. ग्रामीणों में चर्चा थी कि सभी किसी प्रत्याशी के द्वारा आयोजित भोज कार्यक्रम में शामिल हुए जहां कथित तौर पर अत्याधिक मात्रा में शराब पीने से सभी की हालत खराब हो गई. तुरंत ही उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां रामप्रवेश नोनिया की मौत हो गई.

सूबे में एक तरफ जहां शराब बंदी लागू है वह इस तरह की सूचना मिलने पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई. एसपी नीरज कुमार सिंह स्वयं राजपुर थाना पहुंच गए तथा एसडीपीओ गोरा खराब एसडीएम धीरेन्द्र मिश्रा तथा उत्पाद अधीक्षक देवेंद्र प्रसाद में हकारपुर गांव में पहुंच कर मामले की जांच की. उधर, मामले में मजदूर नेता डॉ मनोज यादव ने भी शराबबंदी की स्थिति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए.



जांच के बाद एसडीपीओ गोरख राम का कहना है कि मृतक रामप्रवेश नोनिया को गैस्ट्रिक की बीमारी थी जिसके कारण शनिवार को उसकी तबीयत खराब होने लगी. तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे स्थानीय प्रखंड के खीरी गांव में किसी चिकित्सक के यहां ले जाया गया. चिकित्सक के द्वारा उसका इलाज किया गया लेकिन, यह बताया गया कि बीमार व्यक्ति की हालत गंभीर है तथा उसे ऑक्सीजन की आवश्यकता है. ऐसे में उसे कहीं और ले जाया जाए. चिकित्सक की सलाह पर परिजन बीमार को घर लेकर चले आए और उसे किसी दूसरी जगह ले जाने की तैयारी होने लगी लेकिन, दुर्भाग्यवश उनकी मृत्यु हो गई.

दारु नहीं दवा पीने से बीमार हुए हैं चार ग्रामीण : एसपी

एसपी ने बताया कि जिन चार लोगों के बीमार होने की बात सामने आई है उनसे रामप्रवेश नोनिया का कोई संबंध नहीं है. वह उसी गांव के हैं लेकिन, उनका घर आसपास भी नहीं है उनके बारे में जो जानकारी मिली है उसके अनुसार 24 सितंबर को उन्होंने बन्नी गांव से किसी होम्योपैथिक दवा दुकान से एक दवा ली थी जो कि शराब की तरह नशे का विकल्प है उसी दवा की अत्याधिक मात्रा लेने के कारण शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें इलाज के लिए सबसे पहले कैमूर जिले के नुआंव ले जाया गया जहां रविवार को वह बेहतर महसूस कर रहे थे पुलिस ने उनका फर्द बयान दर्ज किया तथा फिर बेहतर इलाज के लिए उन्हें भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया गया है.

होम्योपैथिक चिकित्सक की तलाश कर रही पुलिस, दुकान हुई सील : 

एसपी ने बताया कि मामले में बन्नी गांव के कथित होम्योपैथिक चिकित्सक की तलाश की जा रही है. वह रविवार को दुकान खोलने ही नहीं पहुंचा. उसकी दवा दुकान को भी सील कर दिया गया और वहां पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है. एसपी ने कहा कि जांच के दौरान जो बातें सामने आई है उससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि रामप्रवेश नोनिया की मृत्यु बीमारी के कारण हुई है जबकि, जो अन्य 4 लोग बीमार हैं उन्होंने नशे के लिए होम्योपैथिक दवा का सेवन किया था.

वीडियो : 






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