पॉकेट में खैनी की डिबिया लेकर पहुंचे लोगों ने भी डीएम के समक्ष लिया तम्बाकू मुक्ति का संकल्प ..

कहा कि तंबाकू नियंत्रण अभियान हेतु छापेमार दल का गठन किया जाए जो कि शैक्षणिक स्थानों के 100 मीटर के दायरे में उचित सभी तंबाकू, पान बेचने वाले दुकानों में छापेमारी करेगी. उन्होंने कहा कि तंबाकू निषेध अभियान को सफल करने के लिए सबको मिलकर प्रयास करना होगा, तब जाकर आने वाली पीढ़ी के भविष्य को बचाए जा सकता है. 





- कार्यालयों में लगाना होगा तंबाकू मुक्त क्षेत्र का बोर्ड
- विद्यालयों के आसपास नहीं लगेंगी दुकानें, होगी छापेमारी

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले के कई पदाधिकारियों के समक्ष उस वक्त विकट स्थिति उत्पन्न हो गई जब जिला पदाधिकारी ने उन्हें तंबाकू सेवन न करने और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकने की शपथ दिलाई. शपथ ले रहे अधिकारी भले ही जिला पदाधिकारी के साथ-साथ इस संकल्प को दोहरा रहे थे लेकिन, कहीं ना कहीं उनके मन में यह बात जरूर खटक रही थी कि आखिर जो आदत उनकी दिनचर्या में वर्षों से शामिल है उसे अचानक छोड़ कैसे सकेंगे? अधिकांश लोग ऐसे थे जिनकी जेब में उस वक्त भी खैनी की डिबिया थी. डीएम ने न सिर्फ उन्हें शपथ दिलाई बल्कि यह भी निर्देशित किया कि वह तत्काल प्रभाव से अपने कार्यालयों में तंबाकू मुक्त क्षेत्र का बोर्ड लगाएंगे.

दरअसल, जिला पदाधिकारी सह जिला तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति के अध्यक्ष अमन समीर की अध्यक्षता में सरकारी पदाधिकारियों एवं अन्य हित धारकों हेतु जिला स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन समाहरणालय परिसर स्थित सभागार में किया गया था. कार्यक्रम में जिले के सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों के अतिरिक्त पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे. डीएम ने अपने संबोधन में कहा कि तंबाकू के सेवन से न सिर्फ सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ता है बल्कि आर्थिक नुकसान भी होता है. ऐसे मैसेज छोड़ने में ही भलाई है.

इस दौरान डीएम ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण अभियान हेतु छापेमार दल का गठन किया जाए जो कि शैक्षणिक स्थानों के 100 मीटर के दायरे में उचित सभी तंबाकू, पान बेचने वाले दुकानों में छापेमारी करेगी. उन्होंने कहा कि तंबाकू निषेध अभियान को सफल करने के लिए सबको मिलकर प्रयास करना होगा, तब जाकर आने वाली पीढ़ी के भविष्य को बचाए जा सकता है. कार्यक्रम में तंबाकू नियंत्रण हेतु राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकनोमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसायटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक ने राज्य सरकार तथा संस्था के द्वारा संयुक्त रूप से राज्य के सभी 38 जिलों में चलाए जा रहे तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम कोटपा-2003 की विभिन्न धाराओं के बारे में विस्तार से बताया उन्होंने बताया कि यह अभियान 2019 से चलाया जा रहा है. तंबाकू सेवन एक खतरनाक आदत है जहां छोटे-छोटे बच्चे हैं वहां तो स्थिति और भी नाजुक बन जाती है. ऐसे में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम अभियान के रूप में चले तो काफी अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम कोविड-19 से लदे हैं उसी प्रकार हमें तंबाकू को समाप्त करने के लिए भी लड़ाई लड़नी होगी. मौके पर यह बताया गया कि सार्वजनिक स्थलों यथा- सिनेमा हॉल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक सड़,क शिक्षण संस्थानों, कार्यालयों सहित अन्य स्थानों पर धूम्रपान करना दंडनीय अपराध है. कार्यशाला के प्रारंभ में सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया. तंबाकू नियंत्रण के जिला नोडल पदाधिकारी ने तंबाकू नियंत्रण की जिले में की जा रही गतिविधियों की जानकारी दी. कार्यशाला में उप विकास आयुक्त डॉ महेंद्र पाल, एनसीडीसेल के वित्तीय सह लॉजिस्टिक सलाहकार, सीड्स के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, डीआरडीए निदेशक वरीय उप समाहर्ता, जिला स्वास्थ्य समिति के सदस्य, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित थानाध्यक्ष मौजूद थे.


















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