वीडियो : लघु नाटिका के माध्यम से जेल में बंद कैदियों ने जाना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का उपाय ..

तनाव धीरे-धीरे मानसिक बीमारी के रूप में बदल जा रहा है. इसका एकमात्र उपाय है कि आप अपने जीवन को संतुलित करें. अपनी कल्पनाओं को आकार देकर सीमित करें. इच्छाओं को सीमित करें. पर्याप्त नींद लें. संतुलित आहार का सेवन करें एवं मनोरंजक कार्यक्रम में नियमित रूप से भाग ले. 



- कारा प्रशासन के द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर आयोजित था कार्यक्रम
- कारा अधीक्षक ने बताए तनाव दूर करने के उपाय

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर केंद्रीय कारा में कारा अधीक्षक राजीव कुमार की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया,  जिसमें  कारा में बंद कैदियों को मानसिक रोग उनके लक्षण तथा इलाज के बारे में बताया गया. इस दौरान कैदियों के द्वारा ही एक लघु नाटिका का भी मंचन किया गया जिसमें उन्हें यह बताया गया कि किस तरह के लक्षण होने पर उन्हें चिकित्सक के सहयोग तथा अच्छे सामाजिक वातावरण में रहकर अपनी बीमारी को दूर भगा सकते हैं. 




कारा अधीक्षक राजीव कुमार ने कैदियों को यह बताया कि आखिर मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी? उन्होंने बताया कि आज पूरा विश्व तनाव की प्रतियोगिता से गुजर रहा है. इसमें स्वयं के जीने के लिए वक्त ही नहीं बचा है. खुशियां कहीं खो गई है या पूर्णत: समाप्त हो गई है. संतोष विलीन हो गया है और यही सब मानसिक तनाव का कारण है. उन्होंने बताया कि यही तनाव धीरे-धीरे मानसिक बीमारी के रूप में बदल जा रहा है. इसका एकमात्र उपाय है कि आप अपने जीवन को संतुलित करें. अपनी कल्पनाओं को आकार देकर सीमित करें. इच्छाओं को सीमित करें. पर्याप्त नींद लें. संतुलित आहार का सेवन करें एवं मनोरंजक कार्यक्रम में नियमित रूप से भाग ले. 

मौके पर मौजूद मनोचिकित्सक डॉ कुमारी अनुराधा ने बताया कि मानसिक रोग होने के कई लक्षण हैं जैसे नींद नहीं आना, रात में पसीना आना, काम में मन नहीं लगना, घबराहट होना, बार-बार एक ही बात मन में आना. यदि इस तरह के लक्षण हो तो यह माना जा सकता है कि व्यक्ति मानसिक रोग से ग्रसित है. उन्होंने कहा कि कई लोग इस बार से संकोच करते हैं कि अगर वह इस तरह की बात करेंगे तो लोग उन्हें पागल कहेंगे लेकिन, ऐसा नहीं सोचना है और नियमित रूप से दवा लेकर मानसिक रूप का समाधान करना है. मनोचिकित्सक डॉक्टर संजय कुमार ने भी मानसिक रोग के कारण तथा उसके निदान पर प्रकाश डाला.

कार्यक्रम में एक लघु नाटिका का मंचन किया गया जिसमें अशोक चौधरी, रमेश पांडेय, संतोष यादव, अरुण सिंह, राहुल सिंह ने भाग लिया एवं संदेश दिया कि मानसिक रोग का निदान है. बिना दवाओं के भी अच्छे सामाजिक वातावरण में रहकर इसे ठीक किया जा सकता है. 

इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत कारा अधीक्षक राजीव कुमार के द्वारा मनोचिकित्सक एवं मनोवैज्ञानिक डॉ संजय कुमार एवं डॉ कुमारी अनुराधा को पुष्पगुच्छ देकर किया गया. कार्यक्रम का समापन सहायक अधीक्षक प्रियतम प्रियदर्शी के द्वारा आगंतुकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए किया गया. मौके पर कारा उपाधीक्षक त्रिभुवन सिंह, मनोचिकित्सक डॉ कीर्ति पांडेय, डॉ द्विवेश सेन, डॉक्टर मो. जौहर सज्जाद, डॉ अमरेंद्र आनंद, डॉ अनिल कुमार यादव एवं डॉ सुनील कुमार उपस्थित रहे.

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