वीडियो : उत्पाद विभाग की टीम को यूपी में तस्करों ने घेरा, की मारपीट ..

पुलिस टीम सीमावर्ती राज्य उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के भरौली पहुंच गई, जहां शराब तस्करी में शामिल तीन लोगों को पकड़ लिया गया. पुलिस अभी उन्हें लेकर वहां से बक्सर रवाना होती इसके पहले स्थानीय ग्रामीणों तथा शराब माफियाओं ने उन्हें घेर लिया और पुलिस टीम के साथ मारपीट की गई. 




- गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर यूपी गई थी जिले के पुलिस
- उत्पाद अधीक्षक ने कहा - केवल वाहन चालक से हुई है मारपीट

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के उत्पाद विभाग पुलिस टीम पर उत्तर प्रदेश में हमला हुआ है. शराब माफियाओं ने पुलिस टीम को घेर लिया तथा मारपीट की. हालांकि उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि केवल वाहन चालक से मारपीट हुई है. वह वाहन का निजी चालक है. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों से मारपीट होने की कोई लिखित शिकायत उन्हें नहीं मिली है लेकिन, उत्पाद निरीक्षक सह थानाध्यक्ष ने यह जरूर बताया है कि उनके वाहन के चालक से मारपीट की गई है. फिलहाल अगर थानाध्यक्ष के द्वारा आवेदन प्राप्त होता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.





मामले में मिली जानकारी के मुताबिक गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शराब कारोबारियों को ढूंढते हुए उत्पाद विभाग के थानाध्यक्ष दिलीप कुमार पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम सीमावर्ती राज्य उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के भरौली पहुंच गई, जहां शराब तस्करी में शामिल तीन लोगों को पकड़ लिया गया. पुलिस अभी उन्हें लेकर वहां से बक्सर रवाना होती इसके पहले स्थानीय ग्रामीणों तथा शराब माफियाओं ने उन्हें घेर लिया और पुलिस टीम के साथ मारपीट की गई. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उत्पाद विभाग के थानाध्यक्ष सिपाही तथा चालक सभी को माफियाओं ने घेर लिया था और उसे मारपीट कर रहे थे. बाद में किसी तरह सभी उनके चंगुल से छूट कर बक्सर पहुंचे.

तस्करों ने निकाला पुराना गुस्सा :
 
मामले में उत्पाद अधीक्षक देवेंद्र प्रसाद ने बताया कि उत्पाद निरीक्षक दिलीप कुमार पाठक ने उन्हें यह बताया है कि उत्पाद विभाग की गाड़ी चलाने वाले एक निजी चालक विश्वामित्र कुमार से मारपीट हुई है. उनसे मारपीट इसलिए की गई है कि उन्होंने पूर्व में कभी किसी शराब तस्कर को अपनी गाड़ी में बैठा कर पहुंचाया था. इसी बात का गुस्सा उन पर निकाला गया है. इस मामले में किसी पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की बात नहीं कही गई है, ना ही अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है.

टारगेट पूरा करने का होता है दबाव :

दबी जुबान से उत्पाद विभाग के पुलिसकर्मियों ने बताया कि उत्पाद विभाग के द्वारा उन्हें इतना टास्क दे दिया जाता है जिसे पूरा करने के लिए कभी-कभी उन्हें बाउंड्री लाइन पार करनी पड़ जाती है. मसलन प्रतिदिन 15 शराबियों अथवा कारोबारियों को उत्पाद विभाग के द्वारा पकड़ना अनिवार्य है. वाहन जांच करने के लिए भी टारगेट निर्धारित है. जैसे कि वीर कुंवर सिंह सेतु पर प्रतिदिन पांच सौ वाहनों की जांच करनी है, तो चौसा चेक पोस्ट पर साढ़े तीन सौ वाहनों को प्रतिदिन जांचा जाना है. जबकि राजपुर थाना क्षेत्र के देवल पुल की बात करें तो वहां साथ वाहनों की जांच आवश्यक रूप से करनी है.

वीडियो : 








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