74 आंदोलन के नेता ने उठाई रेलयात्रियों की आवाज़, नेतृत्व में जारी है अनिश्चितकालीन धरना ..

धरने के दौरान वक्ताओं ने रेल मंत्रालय की नीतियों एवं कार्यशैली पर सवाल उठाए. यात्री सुविधाओं को लेकर समिति के द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन की सराहना करते हुए जनता से यह अपील की कि रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव एवं अन्य सुविधाओं के लिए आम जनमानस भी नियमित रूप से आकर धरने में शामिल हो तभी रेल प्रशासन आंखें खुलेंगी.




- मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रहा धरना
- 12 सूत्री मांगों के लिए धरने पर बैठे हैं सभी सदस्य

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर :  रेल यात्री कल्याण समिति के द्वारा रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन के समीप 10 अप्रैल से जारी अनिश्चितकालीन धरना पांचवें दिन भी जारी रहा. इस धरने की शुरुआत तथा अध्यक्षता 74 आंदोलन के क्रांतिकारी समाजवादी नेता दशरथ प्रसाद विद्यार्थी ने की है. उनकी अध्यक्षता में हर दिन सुबह 10:00 बजे से 3:00 बजे तक यह धरना चल रहा है. धरने के दौरान वक्ताओं ने रेल मंत्रालय की नीतियों एवं कार्यशैली पर सवाल उठाए. यात्री सुविधाओं को लेकर समिति के द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन की सराहना करते हुए जनता से यह अपील की कि रघुनाथपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव एवं अन्य सुविधाओं के लिए आम जनमानस भी नियमित रूप से आकर धरने में शामिल हो तभी रेल प्रशासन आंखें खुलेंगी.

रेल यात्री कल्याण समिति की मांगों के समर्थन में सामाजिक मंच के संयोजक प्रदीप शरण धरना स्थल पर पहुंचे और सवालिया लहजे में कहा कि पिछले 3 वर्षों से रघुनाथपुर में ट्रेनों के ठहराव को लेकर संघर्ष कर रहे लोगों की मांग क्यों नहीं पूरी हो रही? गहमर स्टेशन से अधिक राजस्व देने वाले स्टेशन पर आज दिल्ली मुंबई और कोलकाता के लिए सीधी ट्रेन नहीं है. यह गंभीर उदासीनता का नतीजा है. पहले जब पांच एक्सप्रेस ट्रेन यहां रुका करती थी तो आज उनका ठहराव क्यों नहीं हो रहा? जनता निश्चित ही इसका जवाब जनप्रतिनिधियों से समय आने पर पूछेगी और इसका जवाब देना उनके लिए मुश्किल होगा.

रेल यात्री कल्याण समिति के लोगों ने बताया कि 12 सूत्री मांगों में मगध एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, वाराणसी-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस, बक्सर से वाराणसी मेमू ट्रेन के ठहराव के साथ-साथ जेनरल बुकिंग काउंटर को आरक्षण काउंटर से अलग करने के साथ ही प्लेटफार्म संख्या 1 से प्लेटफार्म संख्या 4 फुट ओवर ब्रिज निर्माण एवं एक्सप्रेस ट्रेनों में जेनरल बोगियों की संख्या बढ़ाने सहित कई मांगे शामिल हैं.

कार्यक्रम का संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ चंद्रशेखर पाठक कर रहे थे. वक्ताओं में संयोजक नागेंद्र मोहन सिंह, नर्वदेश्वर तिवारी, सीताराम ठाकुर, जावेद अख्तर, रघुनाथ पाल, दयाशंकर प्रसाद, अशोक पाल, जलील अंसारी, मुख्तार पासवान, सूर्यनाथ यादव, राजेंद्र राम, संदीप राय, डॉ सुभाष चंद्र ओझा, विंध्याचल शाही, निर्मल केसरी, राजेंद्र प्रसाद सिंह, राजा सिंह, शुभम कुमार, विकास सिंह, अमित ओझा, नंद गोपाल पांडेय, सुरेंद्र गुप्ता, लखन गुप्ता, रवि कुमार, अमरजीत कुमार, यादव, प्रेमचंद जायसवाल, आदित्य भारद्वाज, मोहम्मद फिरोज, मोहम्मद अख्तर, अनिल कुमार गुप्ता, अनिल कुमार, रामदेव चौधरी, शिशिर कुमार मिश्रा, रामाधार यादव, प्रशांत ओझा, सोनू कुमार, पप्पू सिंह, मोहम्मद कमालुद्दीन, डॉ ललन कुमार सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे.

















Post a Comment

0 Comments