वीडियो : वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ लेने की न्यायाधीश ने की अपील ..

कहा कि हर विभाग में बहुत सारे मामले लंबित पड़े हैं, जिनका निष्पादन समझौते के आधार पर किया जा सकता है, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को मामलों को चिन्हित करने की आवश्यकता है तथा उस दिशा में सकारात्मक पहल करने की जरूरत है.













- राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर अधिकारियों के साथ न्यायाधीश ने की बैठक, दिए कई निर्देश.
- 9 मार्च को आयोजित होगी वर्ष 2024 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ लेने की अपील जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेश कुमार ने की है. उन्होंने गुरुवार को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर कई अधिकारियों के साथ बैठक की. अपने संबोधन में न्यायाधीश ने कहा कि हर विभाग में बहुत सारे मामले लंबित पड़े हैं, जिनका निष्पादन समझौते के आधार पर किया जा सकता है, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को मामलों को चिन्हित करने की आवश्यकता है तथा उस दिशा में सकारात्मक पहल करने की जरूरत है. लंबित मामलों के चलते न्यायालयों पर भी अधिक भार बना हुआ है. 

उन्होंने कहा कि लोक अदालत में समझौते के माध्यम से मामलों को निष्पादित करा लेने से एक तरफ डूब रहे सरकारी राजस्व की वसूली होती है वहीं दूसरी तरफ सामाजिक सौहार्द बढ़ता है. बैंक अधिकारियों को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व की वसूली के लिए अधिक से अधिक छूट देकर मामलों को निष्पादन कर लेना ज्यादा लाभदायक है.

जिला विधिक सेवा के प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता विष्णुदत्त द्विवेदी ने बताया कि आगामी 9 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा जो वर्ष की पहला राष्ट्रीय लोक अदालत होगी. व्यापक स्तर पर आयोजित किए जाने वाली इस अदालत से उम्मीद की जा रही है कि करोड़ों के राजस्व की वसूली होगी वहीं हजारों मामले निष्पादित किए जाएंगे.

इस अवसर पर लीड बैंक के मैनेजर, एसबीआई, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक के अलावा परिवहन पदाधिकारी, डीपीआरओ, पंचायत राज पदाधिकारी, माप तोल के अधिकारी आदि कई  लोग उपस्थित थे.

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