केंद्रीय मंत्री ने साइलो गोदाम का किया उद्घाटन ..

उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि शाहाबाद का क्षेत्र धान का कटोरा है. साइलो गोदाम में लंबे समय तक चावल का भंडारण अब सुनिश्चित हो सकेगा. अभी तक चावल को लंबे समय तक भंडारण करने में कई तरह की चुनौतियां आती थी. 










- कहा - चावल साइलो अन्न भंडारण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा
- कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे भारतीय खाद्य निगम के अधिकारी

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने अपने संसदीय क्षेत्र बक्सर के इटाढ़ी प्रखंड के बैरी गांव में चावल के साइलो का उद्घाटन किया. यहां पर 12,500 मीट्रिक टन चावल का भंडारण किया जाएगा. अभी तक देश और विदेश में गेहूं का भंडारण होता रहा है. चावल साइलो प्रयोग के तौर पर इटाढ़ी में शुरु किया गया है. 

इस मौके पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्री चौबे ने कहा कि चावल का साइलो अन्न भंडारण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा. शाहाबाद क्षेत्र में इस अनुपम उपहार के लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि शाहाबाद का क्षेत्र धान का कटोरा है. साइलो गोदाम में लंबे समय तक चावल का भंडारण अब सुनिश्चित हो सकेगा. अभी तक चावल को लंबे समय तक भंडारण करने में कई तरह की चुनौतियां आती थी. प्रयोग के तौर पर इसे शुरु किया गया है. इसके सफल होने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में चावल का साइलो तैयार किया जाएगा.

बिहार राज्य का शाहाबाद का क्षेत्र धान के कटोरा के रूप में जाना जाता है. गोदाम की क्षमता 12,500 मीट्रिक टन की है. गेहूं का भी 37,500 मीट्रिक टन की क्षमता वाला साइलो गोदाम तैयार किया गया है. इसे साइंटिफिक तरीके से बनाया गया है. गोदाम में रखा गया अनाज वर्षों बाद भी खराब नहीं होगा. इसे भारतीय खाद्य निगम की देखरेख में तैयार किया गया है.

दरअसल, साइलो स्टोरेज एक बड़ा स्टील का ढांचा होता है, जिसमें थोक सामग्री रखी जाती है. इसमें कई विशाल बेलनाकार टैंक होते हैं. नमी और तापमान से प्रभावित नही होने के कारण इनमें अनाज लंबे समय तक भंडारित रहता है. केंद्रीय मंत्री श्री चौबे ने कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है. 


पायलट आधार पर राइस साइलो अन्न दाताओं के लिए वरदान साबित होगा.  दोनों स्थानों पर 12,500 मीट्रिक टन की क्षमता है. प्रत्येक स्थान पर 3125 मीट्रिक टन क्षमता के चार बिन बनाए गए हैं. यह देश में अपनी तरह का पहला है और दुनिया के लिए एक उदाहरण भी बनेगा क्योंकि साइलो में चावल का दीर्घकालिक भंडारण दुनिया में कहीं और स्थापित नहीं किया गया है. चावल को थोक/खुले रूप में रखा जाएगा और चिलर की तैनाती के माध्यम से चावल का तापमान 12-15 डिग्री सेल्सियस पर बनाए रखा जाएगा. लंबी अवधि के लिए साइलो में चावल के भंडारण के सफल कार्यान्वयन और परीक्षण के बाद, पूरे देश में ऐसे और साइलो का निर्माण किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री श्री चौबे ने कहा कि रेलवे साइडिंग सुविधाओं से सुसज्जित साइलो न केवल बफर स्टॉक प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करेगा बल्कि इसी तरह की परियोजनाओं में भविष्य के निवेश का मार्ग भी प्रशस्त करेगा. सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर इसका उद्घाटन व्यापक भलाई के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है.

इस मौके पर भारतीय खाद्य निगम के कार्यकारी निदेशक मुख्यालय अजीत कुमार सिन्हा, बिहार के जनरल मैनेजर अमित भूषण, डीडीसी एवं मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. इस मौके पर गेहूं क्रय के लिए केंद्र का उद्घाटन किया गया.










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