कहा कि लोक अदालत सुलह और त्वरित न्याय का प्रभावी माध्यम है, जिसमें कोई पक्ष हारता या जीतता नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान होता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मुकदमों का निपटारा लोक अदालत में कराकर त्वरित न्याय प्राप्त करें.
- 13 बेंचों के माध्यम से 11 करोड़ रुपये की समझौता राशि का सुलह
- जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ आयोजन
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को वर्ष 2025 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. इस लोक अदालत में कुल 1936 मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के मुकदमे शामिल थे. निपटारे के लिए 13 बेंचों का गठन किया गया था, जिनके माध्यम से 11 करोड़ 25 लाख 64 हजार 6 सौ 77 रुपये की समझौता राशि के मुकदमों का सुलह के आधार पर निपटारा हुआ.
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हर्षित सिंह, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार, जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य, अवर न्यायाधीश -सह- सचिव, जिला प्राधिकरण बक्सर नेहा दयाल और अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. मंच संचालन मुंसिफ द्वितीय नेहा त्रिपाठी ने किया.
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश हर्षित सिंह ने कहा कि लोक अदालत सुलह और त्वरित न्याय का प्रभावी माध्यम है, जिसमें कोई पक्ष हारता या जीतता नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान होता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मुकदमों का निपटारा लोक अदालत में कराकर त्वरित न्याय प्राप्त करें.
जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य न्यायालयों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करना और जनता को सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है. लोक अदालत में निर्णय दोनों पक्षों की सहमति से होता है, जिससे लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचा जा सकता है.
आज आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों से संबंधित 709 मामलों का निष्पादन किया गया, जिनमें 9,47,04,818 रुपये की समझौता राशि पर सहमति बनी. यातायात नियम उल्लंघन से जुड़े 619, आपराधिक मामलों के 135, विद्युत संबंधी 299 और बैंक रेकवरी के 169 मामलों में 1 करोड़ 68 लाख 3 हजार 554 रुपये की समझौता राशि पर सहमति बनी.
कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र कुमार, संजीत कुमार सिंह, रघुबीर प्रसाद, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी चंदन कुमार, पैनल अधिवक्ता चंद्रकला वर्मा, कंचन कुमारी, रिंकी, आरती राय, रवि रंजन सिंह, प्रधान लिपिक संजय कुमार, विधिक स्वयंसेवक मदन प्रजापति, गजेंद्र नाथ दूबे, ओम प्रकाश सिंह सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
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