पंडित द्वीप नारायण द्विवेदी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

वह ज्योतिष के क्षेत्र में अपनी गहन पकड़ और अद्भुत ज्ञान के लिए प्रसिद्ध थे. उनके योगदान को स्मरण करते हुए राजर्षि राय ने कहा कि उन्होंने न केवल ज्योतिष बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए.










                                           


- विद्वत्ता के प्रतीक थे पंडित द्वीप नारायण द्विवेदी
- असहाय छात्रों की शिक्षा में देते थे योगदान

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के चर्चित ज्योतिषाचार्य एवं राष्ट्रपति से प्राप्त चूड़ामणि पुरस्कार से सम्मानित पंडित द्वीप नारायण द्विवेदी की दसवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. पाहवा बेंच के अध्यक्ष राजर्षि राय की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में दिवंगत पंडित जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई.

इस अवसर पर बेंच के अध्यक्ष राजर्षि राय ने कहा कि पंडित द्वीप नारायण द्विवेदी की विद्वत्ता का लोहा काशी के विद्वान पंडित भी मानते थे. वह ज्योतिष के क्षेत्र में अपनी गहन पकड़ और अद्भुत ज्ञान के लिए प्रसिद्ध थे. उनके योगदान को स्मरण करते हुए राजर्षि राय ने कहा कि उन्होंने न केवल ज्योतिष बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए.

पंडित द्वीप नारायण द्विवेदी के पुत्र, इंजीनियर राम प्रसन्न द्विवेदी ने अपने पिता की शिक्षाविद छवि को याद करते हुए कहा कि वे सदैव शिक्षा के प्रति जागरूक रहते थे. खासकर मेधावी एवं असहाय बच्चों की शिक्षा में वे अपना योगदान देते थे. उन्हीं के आशीर्वाद से उनके पुत्र और पोते ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है.

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने शब्दों के माध्यम से पंडित द्वीप नारायण द्विवेदी को श्रद्धांजलि अर्पित की. श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व प्रदेश सचिव कमिश्नर पांडेय, वरिष्ठ नेता बजरंगी मिश्रा, धन्नू लाल "प्रेमातुर", कवि राजा रमन पांडे, अमरनाथ ओझा, श्री कृष्ण चौबे, डॉ शशांक शेखर, रेड क्रॉस के सचिव श्रवण तिवारी, रामजतन सिंह यादव, शिवाकांत मिश्र, धनजी पांडेय, सुधीर चौबे, सिंह यादव, प्रकाश पांडे, जितेंद्र मिश्रा, दिनेश जायसवाल, रानू सिंह, त्रिलोकी मिश्रा, अनिल आनंद और राजा पाहवा शामिल थे.

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पंडित द्वीप नारायण द्विवेदी का योगदान समाज के लिए प्रेरणादायक है. उन्होंने न केवल ज्योतिष में बल्कि शिक्षा और सामाजिक उत्थान में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए सभी ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया.










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