व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर उतरे पेंशनर्स

उन्होंने इसे पेंशनरों के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह पेंशनरों को बांटने की एक साजिश है, जिससे पूरे देश में नाराजगी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि इस फैसले के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं और यदि सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो विरोध और तेज होगा.









                                           



- पोस्ट ऑफिस के समक्ष सरकार को दी चेतावनी
- आठवें वेतन आयोग को लेकर जताया आक्रोश

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : गुरुवार को केंद्रीय सरकारी पेंशनर कोऑर्डिनेशन कमेटी और अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर पेंशनरों ने पोस्ट ऑफिस के समक्ष प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि वह पेंशन व्यवस्था में बदलाव की नीति को वापस ले, अन्यथा आंदोलन को तेज किया जाएगा. इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला संयोजक अरुण कुमार ओझा एवं परमहंस सिंह ने किया.

प्रदर्शन के दौरान जिला संयोजक अरुण कुमार ओझा ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने वित्तीय बजट में प्रस्ताव पारित कर दिया है कि आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन पुनरीक्षण का लाभ मिलेगा. हालांकि, यह विधेयक अभी राज्यसभा में पारित होना बाकी है. उन्होंने इसे पेंशनरों के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह पेंशनरों को बांटने की एक साजिश है, जिससे पूरे देश में नाराजगी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि इस फैसले के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं और यदि सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो विरोध और तेज होगा.

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पेंशनरों की भागीदारी

इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया और सरकार से इस प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की. प्रदर्शन को संबोधित करने वालों में नित्यानंद श्रीवास्तव, विश्वनाथ प्रसाद, हरेराम सिंह, शैल कुमारी, कन्हैया यादव, सुरेंद्र प्रसाद, रविंद्र कुमार सिंह, बैद्यनाथ प्रसाद, तारकेश्वर सिंह, मदन राम, रामजी प्रसाद, बृजमोहन सिंह और राम विजय शाह प्रमुख रूप से शामिल रहे.

प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो वे आगे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. उन्होंने कहा कि पेंशनरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा.










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