इस वजह से विद्यार्थियों ने जड़ दिया कॉलेज में ताला

कहा कि महाविद्यालय में शैक्षणिक भ्रष्टाचार को पनपने नहीं दिया जाएगा. विद्यार्थी परिषद तब तक संघर्ष करती रहेगी, जब तक परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं आती और पीड़ित छात्रों के परीक्षा परिणामों का संशोधन नहीं होता.









                                           


- शैक्षणिक भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन
- आंतरिक परीक्षाओं में गड़बड़ी और आर्थिक शोषण का आरोप

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय के इतिहास विभाग में शैक्षणिक भ्रष्टाचार के खिलाफ तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन की अध्यक्षता कॉलेज अध्यक्ष अमरेंद्र मिश्र और संचालन प्रियांशु शुभम ने किया. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि विभाग में आंतरिक परीक्षा में अनियमितताएं हो रही हैं, जिससे आम छात्रों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है.

जिला संयोजक अविनाश पाण्डेय ने कहा कि महाविद्यालय के इतिहास विभाग में स्नातक की आंतरिक परीक्षा चल रही थी, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि परीक्षाएं उसी सत्र के छात्रों द्वारा ली जा रही थीं. विभाग के कुछ शिक्षकों पर अपने पसंदीदा छात्रों को संरक्षण देने और उन्हें अधिक अंक देने का आरोप है. पूर्व की परीक्षाओं के परिणामों की समीक्षा करने पर यह स्पष्ट हुआ कि कुछ छात्रों को जानबूझकर उच्च अंक दिए गए हैं, जबकि अन्य छात्रों का शोषण किया जा रहा है.

छात्रों का आरोप : परीक्षा में भेदभाव और शोषण

छात्रों ने आरोप लगाया कि विभाग के शिक्षक कुछ छात्रों से परीक्षा संचालन, चाय-पानी की व्यवस्था कराने जैसे कार्य करवाते हैं. स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब विरोध करने वाले छात्रों को अनुत्तीर्ण करने की धमकी दी जाती है. पूर्व की परीक्षाओं में भी ऐसे उदाहरण सामने आ चुके हैं. इसी कारण विद्यार्थी परिषद ने विभाग में तालाबंदी कर विरोध दर्ज कराया.

प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनीष सिंह ने कहा कि कई छात्रों ने विद्यार्थी परिषद से शिकायत की थी कि विभाग में अतिथि शिक्षक उनसे आर्थिक सुविधा की मांग कर रहे हैं। जब वे ऐसा करने से इनकार करते हैं, तो उन्हें परीक्षा परिणाम लंबित करने की धमकी दी जाती है. इससे छात्रों में भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता महाविद्यालय परिसर में हैं, तब तक किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.

आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक समाधान नहीं

नगर मंत्री अभिनंदन मिश्र ने कहा कि महाविद्यालय में शैक्षणिक भ्रष्टाचार को पनपने नहीं दिया जाएगा. विद्यार्थी परिषद तब तक संघर्ष करती रहेगी, जब तक परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं आती और पीड़ित छात्रों के परीक्षा परिणामों का संशोधन नहीं होता. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो परिषद सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी.

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान धन्यवाद ज्ञापन विराज सिंह ने किया. कार्यक्रम में खेलो भारत प्रांत सह-संयोजक अनिश तिवारी, राहुल कुमार, अभिषेक गुप्ता, संजीत यादव, दुर्गेश पाण्डेय, राहुल वर्मा, योगेंद्र यादव, राजा कुमार, शिवांश सिंह, पियूष यादव सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे.

विद्यार्थी परिषद के इस विरोध प्रदर्शन से महाविद्यालय में शैक्षणिक पारदर्शिता की मांग को बल मिला है. छात्रों का कहना है कि यदि उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या कदम उठाता है.










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