बड़े साइबर गिरोह के खुलासे के बाद शहर में हड़कंप का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किराएदार वेरिफिकेशन के बाहरी युवक आसानी से शहर में ठिकाना बना रहे हैं, जिससे अपराध बढ़ाने में मदद मिल रही है.
- छत्तीसगढ़–यूपी–बिहार–झारखंड के युवक बक्सर में बैठकर चला रहे थे साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क
- 64 मोबाइल और 5 लैपटॉप बरामद, 18 युवक एक ही किराए के मकान से गिरफ्तार
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : टाउन थाना पुलिस ने शनिवार को साइबर अपराध के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक को तोड़ते हुए अंतरराज्यीय फ्रॉड गैंग का सनसनीखेज उद्भेदन किया. गुप्त सूचना के आधार पर पीपी रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के पीछे एक किराए के मकान में छापेमारी कर 18 युवकों को एक साथ गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने मौके से 64 मोबाइल फोन और 5 लैपटॉप बरामद किए, जिनमें साइबर ठगी के पुख्ता सबूत मिले हैं.
जांच में पता चला है कि यह गैंग देशभर में साइबर अपराध के कई मॉड्यूल पर काम कर रहा था. इसमें ऑनलाइन सट्टेबाजी, बैंकिंग फ्रॉड, अकाउंट हैकिंग, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, डिजिटल वॉलेट स्कैम और फर्जी कॉल सेंटर के जरिये पैसे ऐंठने जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं. गिरफ्तार युवक अलग-अलग राज्यों — छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड — के रहने वाले हैं. पुलिस के अनुसार यह गैंग कई महीनों से बक्सर में किराए के मकान पर रहकर इस बड़े नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था.
छापेमारी के बाद नगर थाना में सदर एसडीपीओ गौरव पांडेय और साइबर डीएसपी की संयुक्त टीम सभी आरोपितों से लगातार पूछताछ कर रही है. पुलिस को शक है कि गिरोह के तार कई अन्य राज्यों से जुड़े हैं और इसके सदस्य देश के अलग-अलग हिस्सों में ठगी को अंजाम दे रहे हैं. नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए तकनीकी जांच तेज कर दी गई है और आगे छापेमारी की भी तैयारी की जा रही है. टाउन थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने कहा कि वरीय अधिकारियों के नेतृत्व में पूछताछ जारी है और एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इतने बड़े साइबर गिरोह के खुलासे के बाद शहर में हड़कंप का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किराएदार वेरिफिकेशन के बाहरी युवक आसानी से शहर में ठिकाना बना रहे हैं, जिससे अपराध बढ़ाने में मदद मिल रही है. लोगों ने इस बात पर राहत जताई कि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर बड़ा नुकसान होने से रोक लिया.






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