बुधवार की शाम बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ की जिला इकाई की आपात बैठक हुई. बैठक में साफ तौर पर कहा गया कि जब तक अस्पतालों में चिकित्सकों और कर्मियों की सुरक्षा पुख्ता नहीं होगी, तब तक नियमित सेवाएं चलाना मुश्किल है.
- मंगलवार की रात इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद चिकित्सक से हुआ था दुर्व्यवहार
- बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ की जिला इकाई की आपात बैठक के बाद लिया गया निर्णय
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सदर अस्पताल में मंगलवार की रात इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद मचे हंगामे ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों द्वारा चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों के साथ हाथापाई और दुर्व्यवहार किए जाने से डॉक्टरों में भारी नाराजगी है.
इस पूरे मामले को लेकर बुधवार की शाम बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ की जिला इकाई की आपात बैठक हुई. बैठक में साफ तौर पर कहा गया कि जब तक अस्पतालों में चिकित्सकों और कर्मियों की सुरक्षा पुख्ता नहीं होगी, तब तक नियमित सेवाएं चलाना मुश्किल है.
बैठक के बाद भासा ने बड़ा फैसला लेते हुए 22 और 23 जनवरी को पूरे जिले के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा के बहिष्कार का ऐलान कर दिया. भासा के जिला सचिव डॉ संजय कुमार ने बताया कि इस निर्णय की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. उन्होंने दो टूक कहा कि अगर सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली तो आंदोलन और तेज होगा. जरूरत पड़ी तो आने वाले दिनों में आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है.




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