बक्सर में 30 साल पुराना जमीन विवाद फिर बना खून-खराबे की वजह, धान की फसल पर चली गोलियां ..

फसल काटने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट और अंधाधुंध फायरिंग में बदल गया. इस सनसनीखेज घटना में एक अधेड़ की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. 






                                         




  • सिकरौल थाना क्षेत्र के भाखवां गांव में दो पक्षों में अंधाधुंध फायरिंग, एक की मौत, चार घायल
  • परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप, एसपी बोले– आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी

बक्सर टॉप न्यूज़बक्सर : जिले के सिकरौल थाना क्षेत्र अंतर्गत भाखवां गांव में बुधवार की दोपहर दशकों पुराने जमीन विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया. धान की फसल काटने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट और अंधाधुंध फायरिंग में बदल गया. इस सनसनीखेज घटना में एक अधेड़ की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है.

परिवारिक सूत्रों के अनुसार कन्हैया चौबे और संजय चौबे के परिवार के बीच करीब 30–40 वर्षों से लगभग 11 बीघा जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है. इसी विवाद में लगभग 30 साल पहले स्व. शिवशंकर चौबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उस मामले में बड़क चौबे और कन्हैया चौबे जेल गए थे और सजा काटकर लगभग एक वर्ष पूर्व ही बाहर आए थे. बाद में उक्त जमीन को लेकर कोर्ट से संजय चौबे के पक्ष में फैसला आया था.

बताया जा रहा है कि बुधवार को बड़क चौबे, गणेश चौबे, कन्हैया चौबे, बलिराम चौबे और विद्यासागर चौबे धान काटने खेत पर पहुंचे थे. इसकी जानकारी मिलते ही संजय चौबे और उनके पक्ष के लोग वहां पहुंचे और प्रशासन की मौजूदगी में ही फसल काटने की बात कही. इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि बड़क चौबे, कन्हैया चौबे सहित अन्य लोगों ने गोलीबारी और लाठी-डंडे से हमला कर दिया.

घटना में संजय चौबे सहित तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें सदर अस्पताल बक्सर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने संजय चौबे को मृत घोषित कर दिया. वहीं धनंजय चौबे (पिता स्व. शिवशंकर चौबे), दरोगा चौबे (पिता स्व. काशीनाथ चौबे), मोहन चौबे (पिता स्व. भोला चौबे) और अभिजीत चौबे का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. सभी को सिर में गंभीर चोटें लगी हैं.

परिजनों ने सिकरौल थानाध्यक्ष पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि संभावित विवाद की सूचना कई बार दी गई थी, बावजूद इसके पुलिस समय पर नहीं पहुंची. वहीं बक्सर के एसपी शुभम आर्य ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.








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