पुस्तक का मूल भाव संघर्ष से आत्मबल, आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति की ओर बढ़ने की यात्रा को दर्शाता है. लेखक ने जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक “सुपर स्किल्स” पर भी विस्तार से प्रकाश डाला है.
- ‘लेटर टू माई सन’ के जरिए संघर्ष, अनुभव और आत्मबल का प्रेरक संदेश
- वर्ल्ड बुक फेयर में विशेष पैनल चर्चा, युवाओं से हुआ सीधा संवाद
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित न्यू दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर में बक्सर जिले के लिए गर्व का क्षण देखने को मिला. चरित्रवन स्थित श्रीकृष्ण नगर कॉलोनी निवासी स्व. डॉ. बैजनाथ दुबे के पुत्र और युवा लेखक रोहित दुबे की पुस्तक ‘लेटर टू माई सन’ का विमोचन प्रभात प्रकाशन के सीईओ प्रभात कुमार द्वारा किया गया. यह कार्यक्रम प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित विश्व पुस्तक मेला के हॉल संख्या–5 में प्रभात प्रकाशन के स्टॉल संख्या बी-2 पर संपन्न हुआ.
यह नॉन-फिक्शन पुस्तक एक पिता द्वारा अपने पुत्र के नाम लिखे गए पत्रों के रूप में प्रस्तुत की गई है. इसमें लेखक ने अपने जीवन के वास्तविक संघर्षों, असफलताओं, अनुभवों और उनसे मिली सीख को सरल, भावनात्मक और प्रभावशाली शब्दों में व्यक्त किया है. पुस्तक का मूल भाव संघर्ष से आत्मबल, आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति की ओर बढ़ने की यात्रा को दर्शाता है. लेखक ने जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक “सुपर स्किल्स” पर भी विस्तार से प्रकाश डाला है, जो आज के युवाओं के साथ-साथ अभिभावकों के लिए भी उपयोगी और प्रेरणास्रोत है.
पुस्तक विमोचन से पूर्व 11 जनवरी को न्यू दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर के तहत ऑथर्स कॉर्नर, हॉल संख्या–5 में एक विशेष पैनल चर्चा का आयोजन किया गया. यह परिचर्चा शाम 4.00 बजे से 4.45 बजे तक चली, जिसका विषय था कि वास्तविक जीवन की चुनौतियों को किस प्रकार लेखन और प्रेरक कथाओं के माध्यम से समाज के सामने प्रस्तुत किया जा सकता है. इस चर्चा का संचालन रोहिणी वैष्णवे ने किया. पैनलिस्ट के रूप में राजानी कफालिया, लेखक रोहित दुबे, प्रबीर घोष और सचिन जैन शामिल रहे.
पैनल चर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जब जीवन के संघर्ष शब्दों का रूप लेते हैं, तो वे केवल व्यक्तिगत अनुभव नहीं रहते, बल्कि समाज के लिए दिशा और प्रेरणा का स्रोत बन जाते हैं. लेखक रोहित दुबे ने युवाओं से संवाद करते हुए सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और जीवन कौशल के महत्व पर अपने अनुभव साझा किए.
प्रभात प्रकाशन की ओर से इस अवसर पर पाठकों, लेखकों और मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया. आयोजकों ने बताया कि ‘लेटर टू माई सन’ युवाओं और अभिभावकों दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण पुस्तक है, जो कठिन परिस्थितियों में सही सोच और मजबूत निर्णय क्षमता विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी.
विश्व पुस्तक मेला में आयोजित यह कार्यक्रम साहित्य, जीवन अनुभव और प्रेरणा के संगम के रूप में यादगार रहा, जहां लेखन के माध्यम से जीवन को समझने और संवारने का सार्थक संदेश दिया गया.




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