वीडियो : न्याय की आस में भटकता परिवार, दहेज उत्पीड़न केस में वर्षों बाद भी गिरफ्तारी नहीं ..

न्यायालय ने उस समय अभियुक्त को इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह अपनी पत्नी को साथ रखेगा. शर्तों का उल्लंघन होने पर न्यायालय ने बंध पत्र खंडित करते हुए गैर जमानती वारंट जारी किया, लेकिन यह आदेश आज तक कागजों से आगे नहीं बढ़ सका.






                                         




  • दिव्यांग बेटी और मासूम बेटे के साथ घर से निकाली गई पीड़िता
  • सोमवार को प्रभारी एसपी से मिले पिता, जल्द कार्रवाई का मिला आश्वासन

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के सिमरी थाना अंतर्गत तिलक राय के हाता ओपी क्षेत्र का दहेज उत्पीड़न मामला अब केवल एक कानूनी प्रक्रिया भर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसे परिवार की पीड़ा और टूटते सपनों की कहानी बन चुका है, जो वर्षों से न्याय की राह देख रहा है. न्यायालय द्वारा गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़िता और उसके परिजन लगातार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक संकट झेलने को मजबूर हैं.

वर्ष 2017 में दर्ज इस मामले में पीड़िता ने अपने पति जितेंद्र राम पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए बच्चों के साथ घर से निकाल दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी. न्यायालय ने उस समय अभियुक्त को इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह अपनी पत्नी को साथ रखेगा. शर्तों का उल्लंघन होने पर न्यायालय ने बंध पत्र खंडित करते हुए गैर जमानती वारंट जारी किया, लेकिन यह आदेश आज तक कागजों से आगे नहीं बढ़ सका.

पीड़िता के पिता प्रमोद कुमार बताते हैं कि वर्ष 2010 में उन्होंने अमसारी गांव निवासी जितेंद्र राम से अपनी पुत्री की शादी बड़े अरमानों के साथ की थी. लेकिन वर्ष 2017 में उनकी बेटी को एक दिव्यांग पुत्री और मासूम बेटे के साथ घर से निकाल दिया गया. तब से वह मायके में रहकर न्याय की प्रतीक्षा कर रही है. प्रमोद कुमार का कहना है कि दामाद शराब तस्करी जैसे मामलों में भी लिप्त रहा है और पूर्व में पंचायत स्तरीय प्रतिनिधि होने के कारण आज भी कानून की पकड़ से बाहर घूम रहा है.

मामले के अधिवक्ता अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि गैर जमानती वारंट के बावजूद गिरफ्तारी न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह न्यायालय के आदेश की खुली अवहेलना है. उन्होंने बताया कि सोमवार को पीड़िता के पिता ने प्रभारी एसपी सह मुख्यालय डीएसपी पंकज कुमार सिंह से मुलाकात की, जहां से परिवार को शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन मिला है. परिजन उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अब वर्षों से जारी यह पीड़ा समाप्त होगी और उन्हें न्याय मिल सकेगा.

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