कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण पंचम वेद के रूप में प्रतिष्ठित है और इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं. उन्होंने बताया कि कलियुग में भक्ति का सबसे सरल और प्रभावशाली मार्ग भागवत कथा का श्रवण ही है.
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| कथा कहते आचार्य |
- वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कथा की शुरुआत, मंदिर परिसर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
- भागवत श्रवण से पाप नाश और मोक्ष की प्राप्ति, कथावाचक ने बताए शास्त्रीय प्रसंग
बक्सरटॉप न्यूज, बक्सर : नगर के सिद्धनाथ घाट स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर परिसर में चल रहे धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला में शुक्रवार को जलभरी के साथ श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ. वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के बीच वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति जगद्गुरु श्री श्री 1008 धर्मेंद्राचार्य जी महाराज के द्वारा कथा का उद्घाटन किया गया. जलभरी के साथ जैसे ही कथा प्रारंभ हुई, पूरा परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया.
कथा के प्रथम दिन धर्मेंद्राचार्य जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण पंचम वेद के रूप में प्रतिष्ठित है और इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं. उन्होंने बताया कि कलियुग में भक्ति का सबसे सरल और प्रभावशाली मार्ग भागवत कथा का श्रवण ही है, जिससे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है.
धर्मग्रंथों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पद्म पुराण और स्कंद पुराण में भी श्रीमद्भागवत कथा के महत्व का वर्णन मिलता है. मान्यता है कि जहां भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां सभी तीर्थों का वास हो जाता है. सात दिनों तक श्रद्धा और नियमपूर्वक कथा श्रवण करने से जन्म-जन्मांतर के संस्कार शुद्ध होते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है.
कथावाचन के दौरान धर्मेंद्राचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति, ध्रुव की तपस्या और राजा परीक्षित के मोक्ष प्रसंग का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भागवत कथा मनुष्य को अहंकार, लोभ और मोह से मुक्त कर ईश्वर भक्ति की ओर अग्रसर करती है. यह कथा जीवन में धर्म, सत्य, करुणा और वैराग्य की भावना को जागृत करती है.
कथा के शुभारंभ अवसर पर ज्योतिषाचार्य बिहारी जी महाराज के साथ ही आयोजन समिति से जुड़े चंद्रमणि तिवारी, अखिलेश पांडेय, चंद्रभूषण चौबे, शिवजी बाबा, अमलेश्वर उपाध्याय, गणेश मिश्र, संजय ओझा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे. श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण को अपना सौभाग्य बताते हुए आयोजन को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग देने का संकल्प लिया.




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