पत्नी ने अपने पति के साथ ससुराल जाने की सहमति दी, जिसे दोनों परिवारों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया. इस सुलह से उनके बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होने की बात कही गई, क्योंकि अब उन्हें माता-पिता दोनों का स्नेह मिलेगा.
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| समझौते के दंपत्ति के साथ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विधिक सेवा प्राधिकार सचिव |
- मध्यस्थता के बाद कई पति-पत्नी फिर साथ रहने को हुए राजी, परिवारों में लौटी खुशियां
- फर्जी पासपोर्ट-वीजा से जुड़े चेक बाउंस विवाद का भी समझौते के आधार पर समाधान
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : राष्ट्रीय लोक अदालत में कुटुंब न्यायालय के प्रयास से कई वर्षों से चल रहे पारिवारिक और न्यायिक विवादों का समाधान हुआ. प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार की पहल और मध्यस्थता से 14 वैवाहिक मामलों में पति-पत्नी के बीच समझौता कराया गया, जिसके बाद दंपतियों ने साथ रहने का निर्णय लिया. वहीं, 15 वर्ष पुराने चेक बाउंस के एक मामले का भी सुलह के आधार पर निस्पादन कर दिया गया.
सुनवाई के दौरान धीरेंद्र कुमार व रीना सिंह, रविकांत सिंह व अनिता देवी तथा गायत्री कुमारी व विश्वामित्र वर्मा सहित अन्य दंपतियों के मामलों में मध्यस्थता कराई गई. बातचीत और समझाइश के बाद पति-पत्नी के बीच सुलह हो गई. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को गले लगाकर विवाद समाप्त किया और पति अपनी पत्नी को अपने साथ घर ले गए.
परिवार और बच्चों के भविष्य के लिए बनी सहमति
मध्यस्थता के दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे. सबके सामने पत्नी ने अपने पति के साथ ससुराल जाने की सहमति दी, जिसे दोनों परिवारों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया. इस सुलह से उनके बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होने की बात कही गई, क्योंकि अब उन्हें माता-पिता दोनों का स्नेह मिलेगा. यह पूरा प्रयास प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार के अथक प्रयास से सफल हो सका.
15 साल पुराने चेक बाउंस मामले का भी निपटारा
इसी लोक अदालत में 15 वर्ष पुराने चेक बाउंस के एक मामले का भी अंत हुआ. एसडीजेएम कोर्ट में लंबित इस मामले में परसिया, बक्सर निवासी मुक्तेश्वर रजक और दिल्ली निवासी राजीव कुमार कनौजिया के बीच विवाद चल रहा था. बताया गया कि विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर पासपोर्ट और वीजा से जुड़ा मामला सामने आया था और 80 हजार रुपये का चेक बैंक छतरपुर, दिल्ली से दिया गया था.
समझौते के आधार पर हुआ निष्पादन
गठित बेंच के न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों को समझाते हुए सुलह के आधार पर मामले का निष्पादन कराया. इस दौरान पैनल अधिवक्ता मधु कुमारी भी उपस्थित रहीं.
इस अवसर पर प्रधान जिला जज काजल झांव, सचिव नेहा दयाल, पैनल अधिवक्ता रामानंद मिश्रा, दीन दयाल कुंवर और राहुल नारायण सहित अन्य लोग मौजूद थे.




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