बताया गया कि डिजिटल जनगणना के माध्यम से देश के प्रत्येक परिवार और नागरिक से संबंधित सटीक जानकारी एकत्र की जाएगी. इससे भविष्य की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी और विकास कार्यों की योजना बनाने में सरकार को सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे.
- मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा डाटा संग्रहण, केंद्रीय पोर्टल से होगी निगरानी
- समाहरणालय के नए सभागार में जिला पदाधिकारी साहिला ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : भारत में पहली बार डिजिटल माध्यम से होने जा रही जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर बक्सर में अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है. सोमवार को समाहरणालय परिसर स्थित नए सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी साहिला ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण का विधिवत शुभारंभ किया. यह प्रशिक्षण 9 मार्च से 14 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया और डिजिटल प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी साहिला ने कहा कि जनगणना किसी भी देश की विकास योजनाओं की आधारशिला होती है. इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करती है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 की जनगणना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे पहली बार पूरी तरह डिजिटल तकनीक के माध्यम से संपन्न किया जाएगा.
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| कार्यक्रम का उद्घाटन करती डीएम |
उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली के उपयोग से डाटा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक होगी. इसके लिए सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है, ताकि जनगणना का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके.
जिला पदाधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है. पहले चरण में 9 मार्च से 11 मार्च 2026 तक जिला स्तरीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके बाद 12 मार्च से 14 मार्च 2026 तक अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. प्रशिक्षण के दौरान जनगणना के सभी चरणों, उसकी समय-सीमा और डाटा संग्रहण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है.
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए राज्य स्तर से दो विशेषज्ञ प्रशिक्षक बक्सर पहुंचे हैं. ये प्रशिक्षक अधिकारियों को मोबाइल ऐप के माध्यम से डाटा संग्रहण, डाटा प्रविष्टि की प्रक्रिया तथा केंद्रीय पोर्टल पर मॉनिटरिंग की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं.
अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा. वहीं स्वगणना की प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक निर्धारित की गई है. इसके बाद दूसरे चरण में वास्तविक जनगणना 1 मार्च 2027 तक पूरी की जाएगी तथा 1 मार्च से 5 मार्च 2027 तक रिवीजन राउंड आयोजित किया जाएगा.
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी बताया गया कि डिजिटल जनगणना के माध्यम से देश के प्रत्येक परिवार और नागरिक से संबंधित सटीक जानकारी एकत्र की जाएगी. इससे भविष्य की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी और विकास कार्यों की योजना बनाने में सरकार को सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे.




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