उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाने का आदेश दिया था. इसके बावजूद सोमवार की सुबह दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे गांव में तनाव बढ़ गया.
- दलसागर गांव में रैयती जमीन को लेकर बढ़ा विवाद, मौके पर पहुंची पुलिस टीम
- फेसबुक लाइव में अधिकारियों को कहा बुरा-भला, ग्रामीणों ने प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : औद्योगिक थाना क्षेत्र के दलसागर गांव में रैयती जमीन और रास्ते को लेकर सोमवार को अचानक तनाव की स्थिति बन गई. आरोप है कि प्रशासनिक रोक के बावजूद जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है.
बताया जा रहा है कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, वह एक सरकारी रास्ते के बगल में स्थित है. ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता वर्षों से गांव के लोगों के आवागमन के लिए उपयोग में आता रहा है. इसी रास्ते की चौड़ाई बढ़ाने के लिए एक डिसमिल जमीन खरीदी गई थी, लेकिन अब उसी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया जा रहा है.
स्थानीय निवासी शुभम चौबे ने बताया कि उनके घर के पास से एक सरकारी रास्ता गुजरता है, जिससे उनके परिवार सहित अन्य ग्रामीणों का भी आना-जाना होता है. उन्होंने बताया कि रास्ते को चौड़ा करने के उद्देश्य से जनार्दन कुशवाहा से एक डिसमिल जमीन खरीदी गई थी. आरोप है कि युवा जदयू नेता मोहित कुशवाहा उस जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. विरोध करने पर मारपीट की स्थिति भी बन जाती है.
मामला जब अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष पहुंचा तो उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाने का आदेश दिया था. इसके बावजूद सोमवार की सुबह दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे गांव में तनाव बढ़ गया.
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा रोक लगाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया. इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर फेसबुक लाइव के माध्यम से कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी भी की गई. इस दौरान कथित तौर पर यह भी कहा गया कि सम्राट चौधरी उनके जाति के हैं और वह बक्सर के अधिकारियों का ट्रांसफर करवा देंगे.
फिलहाल सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर रास्ते को सुरक्षित रखने और विवाद का निष्पक्ष समाधान कराने की मांग की है.
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