महिला दिवस पर न्यायालय परिसर में गूंजा महिला सम्मान का स्वर ..

बताया कि न्यायालयों में महिला न्यायिक पदाधिकारियों, महिला अधिवक्ताओं और महिला अभियोजन अधिकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो सकारात्मक संकेत है. हालांकि, महिलाओं के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अभी भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है.






                                       

  • महिला कर्मचारियों ने समान अवसर और सुरक्षित कार्य परिवेश पर दिया जोर
  • कविता के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का संदेश

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बक्सर व्यवहार न्यायालय परिसर में महिला कर्मचारियों की एक अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें महिला सम्मान, समानता और सुरक्षित कार्य परिवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया. बैठक में उपस्थित महिला कर्मचारियों ने न्यायिक परिवेश में सम्मानजनक माहौल बनाए रखने और महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया.

बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार, समान अवसर और सशक्तिकरण को मजबूत करने का अवसर भी है. उन्होंने बताया कि न्यायालयों में महिला न्यायिक पदाधिकारियों, महिला अधिवक्ताओं और महिला अभियोजन अधिकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो सकारात्मक संकेत है. हालांकि, महिलाओं के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अभी भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है, इसलिए इस दिशा में और सुधार किए जाने की आवश्यकता है.

कार्यक्रम के दौरान महिला कर्मचारी प्रियंका कुमारी ने अपनी कविता के माध्यम से उपस्थित लोगों को भावनात्मक संदेश दिया. उन्होंने कहा—

“कहां हारती हैं महिलाएं,
उन्हें तो हराया जाता है,
जग क्या कहेगा
कहकर डराया जाता है.”

कविता सुनकर उपस्थित कर्मचारियों ने महिला शक्ति और आत्मविश्वास के महत्व को सराहा.

बैठक में ज्योति कुमारी, नूतन कुमारी, प्रियंका कुमारी, चित्रा कुमारी, देवंती देवी, सोनिका, मुक्ता, कोमल सिंह, सोनम कुमारी, मंजुला कुमारी, सोनल कुमारी और रचिता कुमारी सहित अन्य महिला कर्मचारी मौजूद रहीं.










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