संध्या समय रामरेखाघाट पर विशेष गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और दीपों की अद्भुत छटा से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा.
- 21 वर्षों से निरंतर जारी है आस्था की यह परंपरा
- स्थापना दिवस पर प्रशासनिक पदाधिकारी भी होंगे शामिल बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : नगर के ऐतिहासिक रामरेखाघाट पर पिछले 21 वर्षों से चली आ रही दैनिक गंगा आरती की परंपरा अब 22वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है. इस खास मौके पर श्री गंगा आरती सेवा ट्रस्ट समिति द्वारा रविवार को स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य और संगीतमय गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है.
ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष परमहंस पांडेय ने बताया कि यह पावन परंपरा विगत 21 वर्षों पूर्व नेहनिधि साकेतवासी मामा जी के सानिध्य में शुरू हुई थी. तब से लेकर आज तक यह गंगा आरती अनवरत रूप से जारी है और श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है. उन्होंने कहा कि मामा जी के आशीर्वचनों से शुरू हुई यह परंपरा अब बक्सर की पहचान बन चुकी है.
संगीतमय आरती से सजेगी संध्या बेला
स्थापना दिवस के अवसर पर संध्या समय रामरेखाघाट पर विशेष गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और दीपों की अद्भुत छटा से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा. आयोजन को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं.
प्रशासनिक पदाधिकारियों की होगी सहभागिता
ट्रस्ट के सदस्यों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी जिले में अपनी सेवा दे चुके और वर्तमान में कार्यरत कई प्रशासनिक पदाधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे. उनकी उपस्थिति इस आयोजन की गरिमा को और बढ़ाएगी.
आस्था और परंपरा का संगम बना रामरेखाघाट
गंगा आरती ने न सिर्फ धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया है, बल्कि यह स्थल सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन गया है. हर दिन होने वाली यह आरती श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है और बक्सर के धार्मिक महत्व को और भी ऊंचाई देती है.






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