बक्सर में गैस वितरण पर सवाल, दावों और हकीकत के बीच फंसे उपभोक्ता ..

सवाल उठाया कि जब होम डिलीवरी के दावे किए जा रहे हैं, तो गैस एजेंसियों के सामने इतनी भीड़ क्यों लग रही है. ऐसे में अब जरूरत है कि प्रशासन अपने दावों की हकीकत जांचे और उपभोक्ताओं को जल्द राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए.

गैस एजेंसी पर लगी कतार 





                               


- प्रशासन ने 13 दिनों में 69 हजार सिलेंडर बांटने का किया दावा, फिर भी नहीं मिल रही राहत
- कंट्रोल रूम नंबर भी बना ‘शोभा की वस्तु’, उपभोक्ता भटकने को मजबूर

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले में एक तरफ जिला प्रशासन द्वारा 13 दिनों में 69 हजार गैस सिलेंडर वितरित किए जाने और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है. बड़ी संख्या में उपभोक्ता होम डिलीवरी नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है.

प्रशासन ने समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष का नंबर 06183-22333 जारी किया है, लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि इस नंबर पर फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलता. इससे लोगों में नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है. उपभोक्ता अभिषेक पांडे का कहना है कि उन्होंने भारत गैस की कुंवर ज्योति गैस एजेंसी से कनेक्शन लिया है, लेकिन कई बार प्रयास करने के बावजूद उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया है. ऐसे में उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अपनी समस्या का समाधान कैसे करें.

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बदहाल व्यवस्था

सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि जिले के सिमरी, डुमरांव, कोरान सराय समेत कई प्रखंडों में भी यही हाल है. गैस एजेंसियों द्वारा नियमित होम डिलीवरी नहीं किए जाने के कारण एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं. लोग खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी तक पहुंचने को मजबूर हैं, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.

उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानी

बड़का राजपुर की किरण देवी, सिमरी के हृदयानंद पांडेय और इम्तियाज अंसारी जैसे उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने समय पर बुकिंग कराई थी, लेकिन अब तक उन्हें सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं मिली है. इससे उनके घरों में रसोई का काम प्रभावित हो रहा है.

सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

इधर सोशल मीडिया पर भी उपभोक्ताओं का गुस्सा साफ नजर आ रहा है. राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्होंने 21 मार्च को गैस बुकिंग कराई थी, लेकिन अब तक डिलीवरी नहीं मिली. वहीं वेद प्रकाश मिश्रा ने कहा कि 15 मार्च को नंबर लगाने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिला है.

व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

आरटीआई कार्यकर्ता शिव प्रकाश राय का कहना है कि शहर में लोग दिनभर बाइक, साइकिल और रिक्शा से खाली सिलेंडर लेकर इधर-उधर भटक रहे हैं, जिससे साफ है कि होम डिलीवरी की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है. शादाब आलम ने भी सवाल उठाया कि जब होम डिलीवरी के दावे किए जा रहे हैं, तो गैस एजेंसियों के सामने इतनी भीड़ क्यों लग रही है. ऐसे में अब जरूरत है कि प्रशासन अपने दावों की हकीकत जांचे और उपभोक्ताओं को जल्द राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि लोगों को इस परेशानी से निजात मिल सके.













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