मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध का असर एलपीजी गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में असामाजिक तत्वों द्वारा गैस सिलेंडर या पेट्रोलियम पदार्थों की जमाखोरी और कालाबाजारी की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है.
- - बक्सर अनुमंडल कार्यालय में 12 मार्च को गैस एजेंसी संचालकों की अहम बैठक
- - जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन की पहल
- - सभी एजेंसियों को स्टॉक और वितरण व्यवस्था का प्रतिवेदन लाने का निर्देश
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की संभावित कमी को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है. आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से बक्सर अनुमंडल कार्यालय में गैस एजेंसियों के संचालकों की बैठक बुलाई गई है. यह बैठक 12 मार्च 2026 को पूर्वाह्न 11.30 बजे अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष में आयोजित की जाएगी.
अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार (बीएएस) द्वारा जारी पत्र के अनुसार पुलिस उप महानिरीक्षक, विशेष शाखा, बिहार पटना के पत्र के आलोक में यह आशंका जताई गई है कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध का असर एलपीजी गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पर पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में असामाजिक तत्वों द्वारा गैस सिलेंडर या पेट्रोलियम पदार्थों की जमाखोरी और कालाबाजारी की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है.
इसी क्रम में अनुमंडल क्षेत्र के सभी गैस एजेंसी संचालकों को बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है. साथ ही उन्हें वर्तमान गैस स्टॉक और वितरण क्षेत्र से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन भी बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि किसी भी संभावित संकट की स्थिति में आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बैठक में गैस की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था, उपभोक्ताओं को समय पर आपूर्ति तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी.
बैठक में विभिन्न गैस एजेंसियों के संचालकों के साथ-साथ सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, आपूर्ति निरीक्षक तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भी शामिल होने के लिए सूचित किया गया है. वहीं जिला आपूर्ति पदाधिकारी और जिला पदाधिकारी को भी इसकी जानकारी भेजी गई है, ताकि आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.




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