2045 तक बदलेगा बक्सर का नक्शा, डीएम की बैठक में बना स्मार्ट सिटी का ब्लूप्रिंट ..

बैठक में भविष्य के बक्सर की तस्वीर सामने रखी गई. जिला पदाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में वर्ष 2045 को ध्यान में रखते हुए शहर के व्यापक विकास का मास्टर प्लान तैयार करने पर मंथन किया गया. 





                               

  • गंगा तट से लेकर ट्रांसपोर्ट सिस्टम तक बड़े बदलाव की तैयारी
  • बस टर्मिनल शिफ्ट, ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट और जल परिवहन पर खास फोकस

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले के विकास की दिशा तय करने वाली एक अहम बैठक में भविष्य के बक्सर की तस्वीर सामने रखी गई. जिला पदाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में वर्ष 2045 को ध्यान में रखते हुए शहर के व्यापक विकास का मास्टर प्लान तैयार करने पर मंथन किया गया. बैठक का मुख्य उद्देश्य नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा चयनित एजेंसी स्टेसालिट सिस्टम्स लिमिटेड के पांचवें चरण के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए स्थानीय जरूरतों के अनुसार इसे और बेहतर बनाना था.

बैठक का संचालन मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक ने किया, जबकि पूरे मास्टर प्लान का तकनीकी पर्यवेक्षण सहायक नगर नियोजन पर्यवेक्षक वंदना के निर्देशन में किया गया. कंसल्टेंट टीम ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से वर्ष 2045 तक की संभावित आबादी, बढ़ती जरूरतों और संसाधनों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए शहर के भविष्य का खाका प्रस्तुत किया. इसमें भूमि उपयोग, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और आधारभूत संरचना के विस्तार को प्रमुखता दी गई.

प्रस्तावित योजनाओं में शहर के बाहर आधुनिक बस टर्मिनल स्थापित करने की योजना सबसे अहम रही, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम किया जा सके. इसके साथ ही प्रमुख सड़कों के किनारे ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के विकास का प्रस्ताव रखा गया, जिससे सुनियोजित तरीके से शहर का विस्तार हो सके. गंगा नदी के तट पर घाटों के पुनर्विकास और जेट्टी आधारित जल परिवहन प्रणाली को मजबूत बनाने की योजना ने बैठक में विशेष ध्यान आकर्षित किया.

बैठक में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने यातायात प्रबंधन, जल निकासी व्यवस्था और शहर के नियोजित विस्तार को लेकर अपने सुझाव दिए. अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि विकास योजनाएं व्यावहारिक और आम लोगों के लिए सुविधाजनक होनी चाहिए.

जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी तकनीकी और जनहित से जुड़े सुझावों को मास्टर प्लान में शामिल किया जाए. उन्होंने कहा कि बक्सर का विकास ऐसा होना चाहिए जो आधुनिकता के साथ-साथ इसकी सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान को भी संजोए रखे. साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही इस विषय पर एक और विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिससे बक्सर को एक सुनियोजित और विकसित शहर के रूप में स्थापित किया जा सके.













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