कहा कि सीपीआर एक ऐसी जीवन रक्षक तकनीक है, जिसे कोई भी व्यक्ति सीखकर किसी भी स्थान पर हार्ट अटैक के मरीज की जान बचा सकता है.
- रोटरी बक्सर और साबित खिदमत फाउंडेशन की पहल, स्कूल और कॉलेज परिसर में लगा जागरूकता कैंप
- डॉ दिलशाद आलम बोले, “हर व्यक्ति सीखे सीपीआर, कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं”
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले में जीवन बचाने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए रोटरी बक्सर ने पीपीएच कैंप के तहत फाउंडेशन स्कूल और जीडी बिरला परिसर में सीपीआर कैंप का सफल आयोजन किया, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राओं को हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति में तुरंत मदद देने की ट्रेनिंग दी गई.
कैंप के दौरान साबित खिदमत फाउंडेशन के निदेशक एवं रोटरी अध्यक्ष डॉ दिलशाद आलम, रोटरी सचिव साहिल और प्रेसिडेंट एलेक्ट निर्मल कुमार सिंह की मौजूदगी में छात्रों को प्रैक्टिकल तरीके से सीपीआर की जानकारी दी गई. फाउंडेशन स्कूल के प्राचार्य मनोज त्रिगुण, सतीश चंद दुबे, अमित कुमार, आशीष वर्मा, राजेश पंडित और शिवम सहित कक्षा 11 और 12 के सभी छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक शामिल हुए.
वहीं जीडी इंस्टिट्यूट ऑफ़ हाईयर स्टडीस में आयोजित सत्र में डॉ जयराम चौधरी, प्रकाश मिश्रा और अश्वनी पांडे समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. इस दौरान डॉ जयराम चौधरी ने डॉ दिलशाद आलम का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया और कहा कि रोटरी द्वारा इस वर्ष किए जा रहे कार्य वास्तव में ऐतिहासिक हैं.
फाउंडेशन स्कूल के प्राचार्य मनोज त्रिगुण ने रोटरी की सराहना करते हुए बताया कि जिस तरह हर साल वृक्षारोपण किया जाता है, उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी लगभग 50 पेड़ लगाए गए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है.
डॉ दिलशाद आलम ने कहा कि फाउंडेशन स्कूल में पौधों की बेहतर देखभाल को देखते हुए इस स्थान का चयन किया गया. उन्होंने बताया कि उनकी टीम लगातार पूरे बक्सर जिले में सीपीआर प्रशिक्षण दे रही है और अब तक लाखों लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है.
उन्होंने यह भी कहा कि सीपीआर एक ऐसी जीवन रक्षक तकनीक है, जिसे कोई भी व्यक्ति सीखकर किसी भी स्थान पर हार्ट अटैक के मरीज की जान बचा सकता है.
मौके पर साबित खिदमत अस्पताल के अरुण कुमार, राहुल कुमार, मनीष कुमार समेत अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई.






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