वीडियो : बक्सर में ‘ज्ञान भारतम मिशन’ को रफ्तार, इतिहास सहेजने में जनता बनेगी भागीदार ..

बताया कि बक्सर जैसे ऐतिहासिक जिले में कई दुर्लभ पांडुलिपियां निजी संस्थाओं और व्यक्तियों के पास सुरक्षित हैं, जो समय के साथ नष्ट होने की कगार पर हैं. ऐसे में इस अभियान के जरिए उन्हें चिन्हित कर संरक्षित करना बेहद जरूरी है. 

पांडुलिपियों का अवलोकन करती डीएम

 





                               


  • 75 साल पुरानी पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने की पहल
  • जिलाधिकारी ने की अपील, स्कैन कर सुरक्षित लौटाई जाएंगी पांडुलिपियां

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : प्राचीन ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में बक्सर में ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है. भारत सरकार की इस फ्लैगशिप योजना के माध्यम से अब जिले में 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस अमूल्य धरोहर से जुड़ सकें. इसको लेकर 11 अप्रैल 2026 को स्वर्गीय सीताराम उपाध्याय संग्रहालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिलाधिकारी साहिला ने विस्तृत जानकारी दी. इस दौरान उप विकास आयुक्त निहारिका छवि तथा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे.

जिलाधिकारी ने बताया कि बक्सर जैसे ऐतिहासिक जिले में कई दुर्लभ पांडुलिपियां निजी संस्थाओं और व्यक्तियों के पास सुरक्षित हैं, जो समय के साथ नष्ट होने की कगार पर हैं. ऐसे में इस अभियान के जरिए उन्हें चिन्हित कर संरक्षित करना बेहद जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पांडुलिपि का तात्पर्य कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा या धातु पर लिखे ऐसे हस्तलिखित ग्रंथों से है, जो कम से कम 75 वर्ष पुराने हों और जिनमें भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण अंश समाहित हो.

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिले के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों जैसे मठ, मंदिर, शैक्षणिक संस्थान, पुस्तकालय और निजी संगठनों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी इसमें शामिल किया जाएगा. सभी प्रखंडों में पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कराया जाएगा और इसके लिए प्रत्येक प्रखंड में दो-दो सर्वेक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, जो संबंधित संस्थानों और व्यक्तियों से संपर्क कर पांडुलिपियों की जानकारी एकत्र करेंगे.

जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई पुरानी पांडुलिपि, धार्मिक ग्रंथ या ऐतिहासिक दस्तावेज मौजूद हैं, तो वे उन्हें संग्रहालय या प्रशासन को उपलब्ध कराएं. प्रशासन द्वारा इन पांडुलिपियों को “ज्ञान भारतम मोबाइल एप” के माध्यम से अपलोड करते हुए आधुनिक तकनीक से स्कैन कर डिजिटल रूप में संरक्षित किया जाएगा और मूल दस्तावेज सुरक्षित रूप से संबंधित व्यक्ति को वापस कर दिया जाएगा.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मिशन के तहत पांडुलिपियों का स्वामित्व संबंधित व्यक्ति या संस्था के पास ही रहेगा. प्रशासन का उद्देश्य केवल उनके संरक्षण और डिजिटाइजेशन के माध्यम से उनमें निहित ज्ञान को शोध, अनुवाद और प्रकाशन के जरिए व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करना है.

इस पहल के जरिए बक्सर के घर-घर में छिपे प्राचीन ज्ञान को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है. प्रशासन ने लोगों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है, ताकि जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके.













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