खास तौर पर उन निजी क्लीनिकों पर फोकस किया जो बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं. सिविल सर्जन को ऐसे संस्थानों की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.

- डीडीसी निहारिका छवि की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा, सिविल सर्जन को दिए कड़े निर्देश
- बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे क्लीनिक और नियम तोड़ने वालों की होगी जांच, सूची जल्द जारी
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह सख्त मूड में नजर आ रहा है. समाहरणालय परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और बायोमेडिकल वेस्ट के गलत निस्तारण को लेकर कड़े निर्देश दिए गए. स्पष्ट किया गया कि नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा.
16 अप्रैल 2026 को उप विकास आयुक्त निहारिका छवि की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सिविल सर्जन बक्सर को निर्देशित किया गया कि ऐसे गैर-सरकारी क्लीनिकों को चिन्हित करें जो समय पर जैव चिकित्सा अपशिष्ट का निष्पादन नहीं करते या सार्वजनिक स्थानों पर फेंकते हैं. ऐसे क्लीनिकों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.
बैठक में Sangam Mediserve के प्रतिनिधि को भी निर्देश दिया गया कि बकाया राशि से संबंधित विपत्र सिविल सर्जन सह सदस्य सचिव को शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जा सके.
प्रशासन ने खास तौर पर उन निजी क्लीनिकों पर फोकस किया जो बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं. सिविल सर्जन को ऐसे संस्थानों की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. साथ ही यह भी कहा गया कि जो क्लीनिक रजिस्टर्ड हैं लेकिन निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे या बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण नहीं कर रहे, उनकी भी जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए.
जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति बक्सर को निर्देश दिया गया कि Bihar State Pollution Control Board द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची सभी कार्यपालक पदाधिकारियों तक जल्द से जल्द पहुंचाई जाए, ताकि जमीनी स्तर पर कार्रवाई में तेजी लाई जा सके.
इस बैठक के बाद यह साफ संकेत मिल रहा है कि बक्सर में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर लापरवाही बरतने वाले क्लीनिकों पर अब सख्त कार्रवाई तय है.





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