विवाह योजना के नाम पर बड़ी साइबर ठगी : ग्रामीण महिलाओं को झांसा देकर खाते खुलवाए, किया करोड़ों का अवैध ट्रांजैक्शन ..

आरोप है कि ममता कुमारी और उसके साथियों ने महिलाओं को “विवाह योजना” का झांसा दिया था. उन्हें बताया गया कि बेटी के विवाह पर 50 हजार रुपये, पीतल के बर्तन और अन्य सरकारी सहायता दी जाएगी. 

 





                               


- ग्रामीण महिलाओं ने कैम्प कोऑर्डिनेटर ममता को बनाया बंधक, पूछताछ में खुले साइबर फ्रॉड के राज, 70 से अधिक खातों में मिले अवैध ट्रांजैक्शन
- स्कूल संचालक परिवार पर लगे आरोप जांच में निकले गलत, पुलिस ने रिहा किया; करोड़ों के साइबर रैकेट की आशंका

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिले के राजपुर और बावनबांध क्षेत्र में विवाह योजना के नाम पर महिलाओं के बैंक खाते खुलवाकर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस ने इस पूरे रैकेट की मास्टरमाइंड सेमरिया गांव निवासी ममता कुमारी, पति रवि रंजन राम को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में करोड़ों रुपये के अवैध ट्रांजैक्शन की आशंका जताई जा रही है.

घटना का खुलासा तब हुआ जब बावनबांध गांव की करीब 70 महिलाओं के खातों में संदिग्ध लेन-देन सामने आया. इसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और महिलाओं ने कैम्प कोऑर्डिनेटर ममता कुमारी को पकड़ लिया. ग्रामीणों ने उसे गांव में ही बंधक बनाकर पूछताछ शुरू की, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं. बाद में पुलिस को सूचना देकर उसे सौंपा गया.

ग्रामीणों का आरोप है कि ममता कुमारी और उसके साथियों ने महिलाओं को “विवाह योजना” का झांसा दिया था. उन्हें बताया गया कि बेटी के विवाह पर 50 हजार रुपये, पीतल के बर्तन और अन्य सरकारी सहायता दी जाएगी. इसी लालच में महिलाओं ने अपने आधार कार्ड और दस्तावेज दे दिए, जिसके आधार पर बैंक खाते खोले गए.

हजारीबाग साइबर थाने से मिला नोटिस तो खुला राज 

इसी बीच हजारीबाग साइबर थाने से एक युवती को नोटिस मिला, जिसमें उसके खाते के जरिए अवैध ट्रांजैक्शन की जानकारी दी गई थी. जब मामला गांव तक पहुंचा तो कई महिलाओं ने अपने खाते चेक कराए, जिनमें भारी गड़बड़ी सामने आई.

पकड़ी गई महिला ने किया दावा दूसरे के कहने पर हुई गुमराह 

पूछताछ के दौरान ममता कुमारी ने दावा किया कि उसे बावनबांध निवासी स्कूल संचालक उमाशंकर साह की पत्नी नीलम देवी और उनकी बेटी चांदनी ने गुमराह किया था. इस बयान के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन जांच में उनके खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिले और उन्हें छोड़ दिया गया.

साइबर पुलिस ने बताया शातिर अपराधी है ममता, पहले भी हुई थी गिरफ्तार

साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष अविनाश कश्यप ने बताया कि ममता कुमारी बेहद शातिर अपराधी है और इससे पहले भी दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच सेमरिया गांव में इसी तरह की साइबर ठगी कर चुकी है. उस समय भी उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और एक अन्य महिला रिंकी देवी की गिरफ्तारी हुई थी.

जमानत पर छूटी तो फिर से शुरु किया फर्जीवाड़े का कारोबार

जांच में यह भी सामने आया है कि जमानत पर छूटने के बाद ममता कुमारी ने दोबारा इस तरह की साजिश रची और गांव-गांव कैम्प लगाकर महिलाओं से आधार कार्ड लेकर खाते खुलवाए. इन खातों के साथ जुड़े सिम कार्ड भी बाद में साइबर अपराधियों के हाथ में चले गए.

ममता कुमारी के पीछे बड़े साइबर गिरोह के हाथ की आशंका 

पुलिस का मामला है कि ममता कुमारी के पीछे एक बड़ा साइबर ग्रह हो सकता है फिलहाल पुलिस पूरे मामले को एक संगठित साइबर रैकेट के रूप में जांच रही है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है.














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