सफाई घोटाला मामले में नई हलचल! एजेंसी समेत अधिकारियों को नोटिस, आज होगी बड़ी सुनवाई ..

प्रधानाध्यापकों ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उनके विद्यालयों में बिना सफाई कर्मियों की तैनाती के ही एजेंसी द्वारा फर्जी नामों पर भुगतान के लिए विपत्र भेजे जा रहे थे. जांच में सामने आया कि कई नाम ऐसे हैं, जो संबंधित स्कूलों में कभी कार्यरत ही नहीं रहे.

 





                               


– फर्जी भुगतान मामले में सभी पक्षों को बुलाया गया, दस्तावेजों के साथ पेश होने का आदेश
– जांच कमिटी की कार्रवाई तेज, तीन दिन में रिपोर्ट के निर्देश बरकरार

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले के शिक्षा विभाग में सफाई व्यवस्था से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले ने अब और तूल पकड़ लिया है. हाउसकीपिंग एजेंसी M/S R.S. Enterprises पर लगे आरोपों के बीच विभाग ने कार्रवाई तेज करते हुए एजेंसी, संबंधित अधिकारियों और स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को सुनवाई के लिए तलब किया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच समिति ने सभी पक्षों को 2 अप्रैल 2026 को दोपहर 2 बजे पी०एम० पोषण योजना कार्यालय, बक्सर में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है.

इससे पहले मध्य विद्यालय बगही, कन्या मध्य विद्यालय ब्रह्मपुर, उर्दू मध्य विद्यालय ब्रह्मपुर, मध्य विद्यालय कैथी सहित कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उनके विद्यालयों में बिना सफाई कर्मियों की तैनाती के ही एजेंसी द्वारा फर्जी नामों पर भुगतान के लिए विपत्र भेजे जा रहे थे. जांच में सामने आया कि कई नाम ऐसे हैं, जो संबंधित स्कूलों में कभी कार्यरत ही नहीं रहे.

जांच में अनुपस्थिति पर एकतरफा कार्रवाई की कही बात

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता) की ओर से जारी पत्र के अनुसार, कार्यक्रम पदाधिकारी सुरेश प्रसाद, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जितेन्द्र कुमार, एजेंसी के निदेशक, तथा ब्रह्मपुर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को आवश्यक अभिलेख और साक्ष्य के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने इसे अत्यंत आवश्यक बताते हुए स्पष्ट किया है कि अनुपस्थिति की स्थिति में एकतरफा कार्रवाई भी की जा सकती है.  

मामले की 15 दिनों अंदर दोबारा जांच से गहराया भ्रष्टाचार की लीपापोती का संदेह

सूत्र बताते हैं कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश पर इसकी 15 दिन पूर्व ही हो चुकी है. जिसमें छह विद्यालय के प्रधानाध्यापको के द्वारा लिखित बयान दिया गया है और गड़बडझाले की पुष्टि भी हो चुकी है जिसके बाद एजेंसी को स्पष्टीकरण का निर्देश दिया गया था. लेकिन एक बार पुनः जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मो. नाजिश अली, सुरेश प्रसाद और जितेन्द्र कुमार की तीन सदस्यीय जांच समिति को जांच करने का निर्देश दिया गया है. विभागीय सूत्रों के अनुसार नाजिश अली के द्वारा पूर्व में भी किए गए कई जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठते रहे है. ऐसे में कहीं ना कहीं यह संदेह गहरा रहा है कि मामले की लीपापोती के प्रयास किया जा रहे हैं. 

फर्जी बिल और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

मामले में यह भी सामने आया है कि जनवरी 2025 से सितंबर 2025 तक बिना उपस्थिति विवरणी के ही भुगतान का दावा किया गया. वहीं, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी स्तर से विपत्र अग्रसारित किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं.

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सभी की निगाहें आज होने वाली सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि इस मामले में बड़ी कार्रवाई तय है, जिससे शिक्षा विभाग में पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा संदेश जाएगा.












Post a Comment

0 Comments