पीसी कॉलेज के प्राचार्य महेश दत्त सिंह को राज्यपाल की सराहना, कॉलेज परिवार ने जताया आभार ..

कहा गया कि यह सम्मान पूरे संस्थान के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उपस्थित शिक्षकों ने यह भी आश्वासन दिया कि छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने और उनकी शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे.


 





                               



  • राज्यपाल के पत्र के बाद महाविद्यालय में शिक्षकों की बैठक आयोजित
  • उच्च शिक्षा में छात्रों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प

बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिला मुख्यालय स्थित प्रणव चटर्जी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० (डा०) महेश दत्त सिंह को बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति की ओर से प्रशंसा पत्र प्राप्त होने के बाद पूरे महाविद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है. 14 अप्रैल 2026 को राजभवन पटना से जारी इस पत्र के आलोक में 18 अप्रैल को महाविद्यालय में प्राध्यापकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी ने प्राचार्य को बधाई देते हुए राज्यपाल के प्रति आभार जताया और छात्रों की उच्च शिक्षा में शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यपाल सह कुलाधिपति बिहार के हस्ताक्षर से जारी पत्र प्राचार्य को प्राप्त हुआ, जिसे महाविद्यालय के लिए गौरव का विषय माना गया. इसके बाद प्राचार्य कक्ष में आयोजित बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक स्वर में प्राचार्य प्रो० (डा०) महेश दत्त सिंह के कार्यों की सराहना की और उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया.

बैठक के दौरान महाविद्यालय परिवार की ओर से राज्यपाल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा गया कि यह सम्मान पूरे संस्थान के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उपस्थित शिक्षकों ने यह भी आश्वासन दिया कि छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने और उनकी शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे.

इस अवसर पर शिक्षकों ने कहा कि प्राचार्य के मार्गदर्शन में महाविद्यालय लगातार शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार कर रहा है और आने वाले समय में नई उपलब्धियां हासिल करेगा. राज्यपाल की ओर से प्राचार्य के उज्ज्वल भविष्य और बड़े दायित्वों की संभावनाओं का उल्लेख किए जाने से शिक्षकों में उत्साह देखा गया.

राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी प्रो० (डा०) शिवजी पाण्डेय ने बताया कि यह उपलब्धि केवल प्राचार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे महाविद्यालय परिवार और जनपद के शिक्षाकर्मियों के लिए मार्गदर्शक है. उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा.













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