इस मामले में मृतक के भाई ने नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला न्यायालय तक पहुंचाया. इस पूरे केस की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के तहत की गई, जिससे कम समय में न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो सकी.
- स्पीडी ट्रायल में बड़ा फैसला, डेढ़-दो लाख रुपये के विवाद से जुड़ा मामला
- डीएवी स्कूल के पास से शुरू हुई कहानी, निजी अस्पताल में मिली थी लाश
बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : होली के दिन हुई सनसनीखेज हत्या मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय मनीष कुमार शुक्ला की अदालत ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी शिक्षक द्वारिका पांडेय को दोषी करार दिया है. हालांकि सजा के बिंदु पर फैसला फिलहाल सुरक्षित रखा गया है, जिसे बाद में सुनाया जाएगा.
अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 मार्च 2024 को धनसोई निवासी एक युवक की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में मृतक के भाई ने नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला न्यायालय तक पहुंचाया. इस पूरे केस की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के तहत की गई, जिससे कम समय में न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो सकी.
घटना को लेकर बताया जाता है कि होली के दिन शहर में उस वक्त हड़कंप मच गया था जब युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई. टाउन थाना में दर्ज एफआईआर के अनुसार, मृतक का भाई दीपक कुमार जब अपने भाई की तलाश में बक्सर पहुंचा, तो उसे जानकारी मिली कि वह डीएवी स्कूल के सामने यश कंपलेक्स के पास आरोपी द्वारिका पांडेय के साथ देखा गया था.
देर रात पुलिस द्वारा सूचना दी गई कि उसके भाई का एक्सीडेंट हो गया है, लेकिन जब वह थाना पहुंचा तो सच्चाई कुछ और ही निकली. आरोपी को लॉकअप में रखा गया था, जबकि युवक का शव एक निजी अस्पताल में मिला. बाद में पोस्टमार्टम कराया गया.
जांच में यह भी सामने आया कि कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने मृतक से डेढ़ से दो लाख रुपये लिए थे और वापस नहीं कर रहा था. इसी विवाद में हत्या की आशंका जताई गई. मामले में द्वारिका पांडेय के साथ उनके भाई और दो महिलाओं को भी आरोपी बनाया गया था.
अब सभी की नजरें अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जब दोषी को सजा सुनाई जाएगी.






.png)











0 Comments