बक्सर में हीटवेव को लेकर DM सख्त: दोपहर 12 से 4 बजे तक सड़कों पर कम चलेंगी गाड़ियां, मजदूरों से काम कराने पर रोक ..

राहगीरों को गर्मी से बचाने के लिए नगर परिषद बक्सर और डुमरांव को शेड निर्माण के आदेश दिए गए हैं. इसके अलावा रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर यात्रियों के लिए 'कूल रूम' (शीतल कक्ष) बनाए जाएंगे. 






                               


- स्टेशन और बस अड्डों पर बनेंगे 'कूल रूम', आंगनवाड़ी और स्कूलों का बदला समय

- भू-जल स्तर गिरने पर 24 घंटे काम करेगा कंट्रोल रूम.

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : बिहार में आसमान से बरसती आग और भीषण गर्मी को देखते हुए बक्सर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. शनिवार को जिला पदाधिकारी (DM) श्रीमती साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक हुई. डीएम ने साफ कर दिया है कि लू (हीटवेव) से आम जनता और बेजुबान पशुओं को बचाने के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रशासन ने दोपहर की चिलचिलाती धूप में लोगों को राहत देने के लिए कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं.


🛑 दोपहर 12 से 4 बजे तक 'लॉकडाउन' जैसा असर!

बक्सर प्रशासन ने सबसे बड़ा फैसला यातायात और मजदूरों को लेकर लिया है:

  • सड़कों पर थमेगी रफ्तार: जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि दोपहर 12:00 बजे से 04:00 बजे तक यातायात को नियंत्रित करें और सड़कों पर कम से कम वाहनों का परिचालन सुनिश्चित कराएं.

  • मजदूरों को बड़ी राहत: श्रम अधीक्षक को सख्त हिदायत दी गई है कि इस दौरान (12 से 4 बजे तक) खुले में, भवन निर्माण, ईंट भट्ठों या कारखानों में मजदूरों से कोई काम नहीं कराया जाएगा.

  • नया वर्किंग टाइम: मजदूरों के लिए काम का समय बदलकर अब सुबह 06:00 से 11:00 बजे तक और शाम को 03:30 से 06:30 बजे तक करने की सलाह दी गई है.


❄️ रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर मिलेंगे 'कूल रूम'

भीड़भाड़ वाले इलाकों में राहगीरों को गर्मी से बचाने के लिए नगर परिषद बक्सर और डुमरांव को शेड निर्माण के आदेश दिए गए हैं. इसके अलावा रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर यात्रियों के लिए 'कूल रूम' (शीतल कक्ष) बनाए जाएंगे. अस्पतालों में बने कूल रूम और हीटवेव की दवाओं की लगातार चेकिंग के लिए सभी बीडीओ को field में उतारा गया है.


🎒 स्कूल और आंगनवाड़ी के समय में कटौती

  • आंगनवाड़ी केंद्र: अब सुबह 07:00 बजे से केवल 10:00 बजे तक ही चलेंगे. बच्चों के लिए सभी केंद्रों पर ओआरएस (ORS) घोल और ठंडे पानी का इंतजाम रहेगा.

  • स्कूल और परीक्षा केंद्र: जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूलों का समय घटाएं और जरूरत पड़ने पर उन्हें कुछ समय के लिए बंद भी कर सकते हैं. परीक्षा केंद्रों पर पानी और ओआरएस की अनिवार्य व्यवस्था होगी.


💧 पानी की किल्लत और बिजली संकट पर एक्शन प्लान

24x7 खुला रहेगा कंट्रोल रूम: पीएचईडी विभाग को निर्देश दिया गया है कि जिन इलाकों में भू-जल स्तर (Groundwater level) नीचे चला गया है, वहां के चापाकलों को तुरंत ठीक किया जाए. जनता की शिकायतों के लिए 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम शुरू किया जा रहा है, जिसका नंबर हर वार्ड में पहुंचाया जाएगा.

  • बिजली के लिए एक्स्ट्रा ट्रांसफार्मर: बिजली विभाग को पर्याप्त मात्रा में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्टॉक में रखने को कहा गया है, ताकि कोई ट्रांसफार्मर जलने पर उसे बिना समय गंवाए तुरंत बदला जा सके.


🐕 बेजुबान पशुओं की भी चिंता

गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, मवेशियों पर भी है. डीएम ने पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि अनुमंडल अधिकारियों से तालमेल बिठाकर सभी इलाकों में 'कैटल ट्रफ' (पशुओं के पानी पीने की नाद/चरही) की जांच कर उन्हें तुरंत चालू करें और पशु अस्पतालों में जरूरी दवाएं स्टॉक में रखें.















Post a Comment

0 Comments