सीबीआई ने मंगलवार को नई FIR दर्ज करते हुए 7 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है. अब केंद्रीय जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि इस हत्याकांड के पीछे असली 'मास्टरमाइंड' कौन है और इन युवकों को इस काम के लिए कितनी सुपारी दी गई थी.
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| मयंक और विक्की की तस्वीर (स्रोत : दैनिक भास्कर) |
ताजा घटनाक्रम: कोर्ट में पेशी और CBI की एंट्री
बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में जांच की तपिश अब बिहार के बक्सर तक पहुँच चुकी है. इस हाई-प्रोफाइल केस में ताजा घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है.
मामले में सबसे बड़ी अपडेट यह है कि बक्सर से गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों—विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा—को कोलकाता के पास बारासात कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने इन दोनों के साथ बलिया से पकड़े गए मुख्य शूटर राज सिंह को 24 मई तक (13 दिन की पुलिस रिमांड) पर भेज दिया है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर CBI ने जांच अपने हाथों में ले ली है. सीबीआई ने मंगलवार को नई FIR दर्ज करते हुए 7 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है. अब केंद्रीय जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि इस हत्याकांड के पीछे असली 'मास्टरमाइंड' कौन है और इन युवकों को इस काम के लिए कितनी सुपारी दी गई थी.
परिजनों का दावा: "मेरा बेटा बेकसूर है, साजिश के तहत फंसाया"
एक तरफ जहां बंगाल पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है, वहीं बक्सर के पीसी कॉलेज इलाके में रहने वाले आरोपियों के परिजनों ने पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
विक्की मौर्य के परिवार का आरोप: विक्की की मां नीलम देवी का कहना है कि उनके बेटे को पूछताछ के बहाने ले जाया गया और अब वह बेकसूर है. पिता गौतम कुमार सिंह ने स्थानीय पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा:
"DSP साहब ने आश्वासन दिया था कि एक घंटे की पूछताछ के बाद छोड़ देंगे, लेकिन 30 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं. पुलिस हमारे घर के मोबाइल भी ले गई है, जिससे बैंक की EMI तक नहीं भर पा रहे हैं. विक्की पहले मुंबई में था और अभी यहाँ दवा की दुकान चला रहा था."
मयंक मिश्रा के दादा का बयान: मयंक के दादा राज दयाल मिश्रा ने बताया कि उन्हें पोते की गिरफ्तारी की खबर मीडिया से मिली. उन्होंने कहा कि मयंक अक्सर रांची में रहता था. उन्होंने पुलिस के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पहले की छापेमारी में भी पुलिस को कुछ संदिग्ध नहीं मिला था.
स्थानीय प्रशासन और क्षेत्र का माहौल
बक्सर एसपी शुभम आर्य ने बताया कि बंगाल पुलिस की टीम आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों युवकों को साथ ले गई है. स्थानीय पुलिस ने उन्हें पूरा सहयोग दिया है, हालांकि सुरक्षा कारणों से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है.
वर्तमान स्थिति:
गिरफ्तारी के बाद नगर के पीसी कॉलेज और आसपास के मोहल्लों में सन्नाटा पसरा है. स्थानीय लोग हैरान हैं कि सामान्य परिवारों के लड़कों का नाम इतने बड़े हाई-प्रोफाइल हत्याकांड से कैसे जुड़ गया. अब सबकी निगाहें सीबीआई की पूछताछ और आगामी खुलासों पर टिकी हैं.






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