DTO ऑफिस ‘शराब कांड’ पर DM का एक्शन : 24 घंटे में मांगा जवाब, वायरल ऑडियो-वीडियो की जांच को बनी हाई-लेवल टीम ..

कलेक्ट्रेट से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है, जबकि वायरल ऑडियो-वीडियो की जांच के लिए तीन सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी का गठन कर दिया गया है.





                               


बक्सर टॉप न्यूज, बक्सर : जिला परिवहन कार्यालय (DTO Office) में शराब की बोतलों की बरामदगी के मामले ने अब बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक रूप ले लिया है. आधी रात हुई छापेमारी के बाद अब खुद जिलाधिकारी (DM) ने मोर्चा संभाल लिया है. कलेक्ट्रेट से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है, जबकि वायरल ऑडियो-वीडियो की जांच के लिए तीन सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी का गठन कर दिया गया है.

रेड के बाद बड़ा एक्शन

प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 14 मई 2026 को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) बक्सर के नेतृत्व में नगर थाना पुलिस और मद्य निषेध विभाग की संयुक्त टीम ने जिला परिवहन कार्यालय परिसर में छापेमारी की थी. इस दौरान परिसर से शराब की भरी और खाली बोतलें बरामद की गईं. सरकारी कार्यालय परिसर से शराब मिलने की घटना को प्रशासन ने बेहद गंभीर माना है.

इसी मामले में जिलाधिकारी साहिला ने जिला परिवहन पदाधिकारी राजकुमार प्रसाद को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई भी तय मानी जा रही है.

वायरल ऑडियो-वीडियो ने बढ़ाई मुश्किलें

मामले में नया मोड़ उस वक्त आया, जब 13 मई 2026 को सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो और वीडियो तेजी से वायरल हुआ. वायरल क्लिप में गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद प्रशासन ने स्वतः संज्ञान लिया.

जिलाधिकारी ने पूरे मामले की गहराई से जांच कराने के लिए त्रिस्तरीय जांच दल का गठन किया है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वायरल ऑडियो और वीडियो के हर पहलू की बारीकी से जांच कर जल्द संयुक्त रिपोर्ट सौंपें.

DM का सख्त संदेश

जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा है कि शराबबंदी कानून के उल्लंघन, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में जो भी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर अनुशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर

DTO ऑफिस से शराब बरामदगी और वायरल ऑडियो-वीडियो प्रकरण के बाद अब पूरे जिले की नजरें दो अहम चीजों पर टिक गई हैं — पहला, जिला परिवहन पदाधिकारी का 24 घंटे वाला जवाब और दूसरा, हाई-लेवल जांच टीम की रिपोर्ट. प्रशासन के इस फ्रंटफुट एक्शन के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल ‘दफ्तर कांड’ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.














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