बक्सर में शिक्षा नवाचार की नई उड़ान. “द बिहार टीचर हिस्ट्री मेकर – मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा” कार्यक्रम में सदर प्रखंड के शिक्षकों का दबदबा ..

‘कबाड़ से जुगाड़’, मोबाइल आधारित शिक्षा और टीएलएम मॉडल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया. विद्यार्थियों की भागीदारी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया.


 





                               


- सदर प्रखंड के शिक्षकों ने नवाचार में दिखाई मजबूत उपस्थिति
- डुमरांव डायट परिसर में 11 प्रखंडों के 100 शिक्षकों ने किया टीएलएम, मोबाइल लर्निंग और ‘कबाड़ से जुगाड़’ का प्रदर्शन

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : जिले में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक शिक्षण पद्धति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डुमरांव स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) परिसर में “द बिहार टीचर हिस्ट्री मेकर – मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा” कार्यक्रम के तहत भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में सदर प्रखंड के शिक्षकों की भागीदारी और उपलब्धियों को विशेष रूप से प्रमुखता दी गई.

कार्यक्रम में 11 प्रखंडों से आए लगभग 100 नवाचारी शिक्षकों ने हिस्सा लिया और टीचर लर्निंग मटेरियल (TLM), मोबाइल आधारित शिक्षा तथा ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसे नवाचारी शिक्षण मॉडलों का प्रदर्शन किया. आयोजन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचार को पहचान देना और शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा देना था.

सदर प्रखंड के शिक्षकों का शानदार प्रदर्शन

इस अवसर पर सदर प्रखंड के कई शिक्षकों ने अपनी नवाचारी शिक्षण पद्धति से विशेष छाप छोड़ी. इनमें अनुपमा प्रसाद, संध्या सिन्हा (सहयोगी मध्य विद्यालय), रीता कुमारी (जरिगांवा), सुषमा चौबे (नदांव) और रेणु तिवारी (छोटका नुआंव) शामिल रहीं. इसके अलावा बक्सर प्रखंड से दुर्गमांगे और संध्या सिंह को भी उनके नवाचार कार्यों के लिए सम्मानित किया गया.

अनुपमा प्रसाद को मिला विशेष सम्मान

सहयोगी मध्य विद्यालय नया बाजार, बक्सर की शिक्षिका अनुपमा प्रसाद को टीएलएम आधारित शिक्षण पद्धति में उत्कृष्ट योगदान के लिए कार्यक्रम में विशेष सम्मान प्रदान किया गया. उनका नवाचार कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा. अनुपमा प्रसाद ने कहा,
“टीएलएम और गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों की समझ गहरी होती है. जब बच्चे खुद करके सीखते हैं, तो शिक्षा बोझ नहीं बल्कि आनंद बन जाती है. इस तरह के मंच शिक्षकों को नई ऊर्जा और बेहतर प्रयोग करने की प्रेरणा देते हैं.”

कार्यक्रम का संचालन और अतिथि

कार्यक्रम की शुरुआत डायट प्राचार्य विवेक कुमार मौर्य द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई. उन्होंने कहा कि यह पहल शिक्षा में नवाचार को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

समारोह में स्थानीय विधायक राहुल सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इसके अलावा इंजीनियरिंग कॉलेज बक्सर के प्रिंसिपल सहित कई गणमान्य अतिथि भी कार्यक्रम में शामिल हुए.

नवाचारों ने खींचा ध्यान

कार्यक्रम में ‘कबाड़ से जुगाड़’, मोबाइल आधारित शिक्षा और टीएलएम मॉडल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया. विद्यार्थियों की भागीदारी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया.

वक्ताओं ने बताया कि बक्सर जिला 38 जिलों में नवाचार आधारित शिक्षा के क्षेत्र में 20वें स्थान पर रहा है, लेकिन इस तरह के आयोजनों से जिले की शिक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है.

कार्यक्रम के अंत में सभी सम्मानित शिक्षकों ने आयोजकों का आभार जताया और कहा कि इस तरह के मंच से उन्हें नई सोच और ऊर्जा मिलती है, जिससे वे कक्षा-कक्ष में और बेहतर नवाचार कर पाते हैं.












Post a Comment

0 Comments